जरुरी जानकारी | मप्र ने 5,000 मेगावाट क्षमता के और सौर पार्क विकसित के लिये भूमि तय की है: मुख्यमंत्री चौहान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश को नवकरणीय ऊर्जा केक्षेत्र में निवेश के लिये एक आदर्श राज्य करार देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में सागर, दमोह, और रतलाम जिले में 5,000 मेगावाट क्षमता के सौर पार्क विकसित करने के लिये भूमि की पहचान की गयी है।
भोपाल, 27 नवंबर मध्यप्रदेश को नवकरणीय ऊर्जा केक्षेत्र में निवेश के लिये एक आदर्श राज्य करार देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में सागर, दमोह, और रतलाम जिले में 5,000 मेगावाट क्षमता के सौर पार्क विकसित करने के लिये भूमि की पहचान की गयी है।
प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा तीसरे वैश्विक नवकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन में इस क्षेत्र में निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का आमत्रण देते हुए कहा, ‘‘मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में आदर्श प्रदेश है। निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश के मुरैना, सागर, दमोह और रतलाम जिलों में 5 हजार मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है।’’
उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल विद्युत उत्पादन में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। इसे निरंतर बढ़ाया जाएगा।
केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने कहा कि इस बैठक और सम्मेलन का उद्देश्य इस क्षेत्र में निवेश वृद्धि के लिए राज्यों की भागीदारी बढ़ाना है।
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चौहान ने मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया वर्ष 2012 में 438 मेगावॉट से बढ़कर आज 5,000 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन हो रहा है जो 12 गुना ज्यादा है। रीवा में विश्व की बड़ी परियोजनाओं में 750 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की गई। इस परियोजना से प्राप्त बिजली की कीमत सबसे कम 2.97 प्रति यूनिट प्राप्त हुई। देश में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। गत वर्षो में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 21,500 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2022 तक एक लाख सोलर पंप की स्थापना का लक्ष्य है। अक्षय ऊर्जा उपकरणों के विक्रय के लिए सभी जिलों में निजी इकाइयों को प्रोत्साहित कर 244 अक्षय ऊर्जा शॉप प्रारंभ की गई है।
चौहान ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में वर्ष 2014 में नीमच में 130 मेगावाट और मंदसौर में वर्ष 2017 में 250 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजना स्थापित की गई। रीवा में 750 मेगावाट की इकाइयों की स्थापना से इतिहास रचा गया।
प्रदेश में ऐसी परियोजनाओं के विद्युत निकास के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर के अंतर्गत 2900 किलोमीटर लाइन और 11 सब स्टेशन का विकास हो रहा है। प्रदेश में 15 पावर ग्रिड सब स्टेशन में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात में मोदी जी ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करते हुए फ्लोटिंग प्लांट की पहल की। उसी तरह मध्यप्रदेश में भी ये नवाचार करते हुए हम ओंकरेश्वर में फ्लोटिंग प्लांट लगाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने आगर, शाजापुर, नीमच, छतरपुर और ओंकारेश्वर में 3600 मेगावाट क्षमता के सोलर एनर्जी पार्क लगाने की मंजूरी दी है जिन पर 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश का अनुमान है।
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