इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 अगस्त देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में मजहबी तकरीर के दौरान सफाई कर्मियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद हाफिज शादाब खान ने वाल्मीकि समुदाय से हाथ जोड़कर माफी मांग ली है।
वहीं, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने माफी को खारिज करते हुए कहा है कि वह आरोपी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे क्योंकि उसने वाल्मीकि समुदाय के लोगों के खिलाफ "जान-बूझकर" आपत्तिजनक बयान दिया था।
चंदन नगर पुलिस थाने के प्रभारी मनीष मिश्रा ने बृहस्पतिवार को बताया कि घटना के वीडियो के आधार पर आरोपी (हाफिज शादाब खान) की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि इंदौर नगर निगम के वाल्मीकि समाज सफाई कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सुभाष धौलपुरे की शिकायत पर खान के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
शिकायतकर्ता धौलपुरे का आरोप है कि खान संबंधित वीडियो में शहर के एक सार्वजनिक स्थान पर मजहबी तकरीर के दौरान सफाई कर्मियों की जाति का हवाला देते हुए उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का खुलेआम प्रयोग करते दिख रहे हैं।
मामला दर्ज होने के बाद खान ने वीडियो जारी करके कहा,"मेरी जुबान से अनजाने में कुछ ऐसे शब्द निकले हैं जो सफाई कर्मियों के दिल को यकीनन चोट पहुंचाने वाले हैं। इसके लिए मैं दिल से शर्मिंदा हूं, लेकिन मैंने ये शब्द जान-बूझकर नहीं बोले थे। मैं वाल्मीकि समुदाय के तमाम लोगों और सफाई कर्मियों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।"
हाफिज ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जिस वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह पिछले साल मोहर्रम का है।
उधर, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने "पीटीआई-" से कहा,"पढ़े-लिखे हाफिज ने सफाई कर्मियों के खिलाफ जान-बूझकर आपत्तिजनक वक्तव्य दिया है जिससे वाल्मीकि समुदाय के सम्मान को ठेस पहुंची है। इसलिए आरोपी का कृत्य माफी के काबिल नहीं है।"
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