इंदौर (मध्यप्रदेश), 25 अगस्त कान के ऑपरेशन के बाद ‘गलत इंजेक्शन’ से 16 वर्षीय लड़के की मौत का आरोप लगाते हुए उसके परिजनों ने इंदौर के एक सरकारी अस्पताल के परिसर में ही शुक्रवार को उसकी चिता तैयार करने की कोशिश की। चश्मदीदों ने यह जानकारी दी।
संयोगितागंज पुलिस थाने के प्रभारी विजय तिवारी ने बताया कि पीयूष कश्यप उर्फ प्रेम (16) की शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में कान के ऑपरेशन के बाद बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी।
कश्यप के परिजनों का आरोप है कि 11वीं के छात्र की मौत कान के ऑपरेशन के बाद गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण हुई। उधर, एमवाईएच के कान, नाक और गला (ईएनटी) विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कश्यप के कान का ऑपरेशन सफल रहा था और उसके इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई थी।
चश्मदीदों ने बताया कि कश्यप के परिजनों ने एमवाईएच परिसर में उस समय लकड़ी और उपले एकत्र करके उसकी चिता तैयार करने की कोशिश की, जब एक निजी अस्पताल में उसके शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था।
हालांकि, इससे पहले कि लड़के का शव वहां पहुंचता, पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर विरोध-प्रदर्शन समाप्त करा दिया। इसके बाद शहर के एक श्मशान में लड़के के शव का दाह संस्कार किया गया।
थाना प्रभारी तिवारी ने बताया,‘‘कश्यप के शव के पोस्टमॉर्टम की संक्षिप्त रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। लड़के के परिजनों ने हमें अब तक उसके इलाज के दस्तावेज तक नहीं दिए हैं।’’
उन्होंने बताया कि कश्यप की मौत की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।
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