देश की खबरें | बेंगलुरु में मेट्रो का खंभा गिरने की घटना में मां-बेटे की मौत
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बेंगलुरु, 10 जनवरी विजय कुमार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यहां एचबीआर लेआउट के पास बाहरी रिंग रोड पर यातायात जाम में फंसने से उनके परिवार के दो सदस्यों की जान चली जाएगी।
दरअसल बाहरी रिंग रोड पर मंगलवार को मेट्रो रेल का स्टील का खंभा गिर गया, जिससे विजय कुमार की पुत्रवधू तेजस्विनी (28) और ढाई साल के पोते विहान की मौत हो गई जबकि उनका बेटा लोहित कुमार और पोती घायल हो गए।
आज सुबह जब यह हादसा हुआ तब लोहित दोपहिया वाहन पर अपने बच्चों को नर्सरी स्कूल व पत्नी को कार्यालय छोड़ने जा रहे थे।
कुमार ने कहा, “मुझे पता नहीं चला कि उनपर खंभा गिर गया है। मैंने सोचा कि अक्सर जाम में फंसना स्वाभाविक है।”
उन्होंने कहा कि उनका बेटा उन्हें कुछ कहने के लिए बुला रहा था। और वह नागवारा रोड से होते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मां-बेटे को मृत घोषित कर दिया।
कुमार ने कहा, “मैं गहन शोक में हूं। मुझे इस घटना से असहनीय क्षति हुई है।”
उन्होंने कहा कि खंभे के आवरण में कोई मजबूती प्रदान नहीं की गई थी। लिहाजा सुरक्षा सावधानियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
कुमार ने आरोप लगाया, “जब मेट्रो रेल का काम चल रहा हो, तो किसी को भी खंभे के 30 मीटर दूर तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती, लेकिन वाहन 5 और 10 फुट के भीतर चलते हैं, जो यह दर्शाता है कि सुरक्षा उपाय कितने अवैज्ञानिक हैं।”
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