जरुरी जानकारी | कल रात शिकागो एक्सचेंज तेज बंद होने से अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कल रात शिकागो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश तेल-तिलहन (सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम मजबूत बंद हुए।
नयी दिल्ली, नौ नवंबर कल रात शिकागो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश तेल-तिलहन (सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम मजबूत बंद हुए।
दूसरी ओर सरसों तेल-तिलहन में मामूली गिरावट आने के अलावा सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की कमजोर मांग से सोयाबीन तिलहन के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। आवक बढ़ने और उसके मुकाबले मांग ना बढ़ने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। कल देर रात शिकॉगो एक्सचेंज मजबूत बंद हुआ था।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सरसों तेल-तिलहन में मामूली गिरावट रही जबकि मंहगे दाम बैठने वाले देशी डीओसी की मांग प्रभावित होने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम में गिरावट आई। अगर डीओसी नहीं बिका तो सोयाबीन तेल की भी उपलब्धता कम रहेगी इसलिए सोयाबीन डीओसी के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार को किसानों को सब्सिडी देने जैसे उपायों पर विचार करने की जरुरत है।
मलेशिया एक्सचेंज कल दोपहर मजबूत बंद होने के कारण आज कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम में सुधार दर्ज हुआ।
सूत्रों ने कहा कि कपास नरमा के अच्छे दाम मिलने के बावजूद किसान नरमा की खास बिकवाली नहीं कर रहे हैं। पिछले साल अच्छी गुणवत्ता वाले नरमा के लिए किसानों को 6,200-6,600 रुपये क्विंटल के भाव मिले थे जबकि इस बार उन्हें हरियाणा, पंजाब में अच्छी गुणवत्ता वाले नरमा के लिए 8,000 रुपये क्विंटल से अधिक का ही भाव मिल रहा है। इसके बावजूद मजबूत किसान रोक-रोक कर अपनी फसल बेच रहे हैं। जिसकी वजह से बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्ववत रहे। उन्होंने कहा कि विदेशी तेलों के दाम लगभग 15 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। इसके अलावा उन तेलों पर 22.5 प्रतिशत की ड्यूटी (आयात शुल्क) भी लगाने के बावजूद देश में मूंगफली तेल-तिलहन के थोक दाम 5-7 रुपये लीटर घटे हैं। फिर भी खुदरा में यही तेल कहीं 200 रुपये लीटर तो कहीं इससे भी अधिक दाम पर मिल रहा है।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,615-6,665 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,450-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,300-2,600 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,125 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,300-2,400 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,300-2,425 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,525 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,225 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,550-4,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,250-4,285 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2024 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

