जरुरी जानकारी | अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट, कच्चे पाम तेल में मामूली सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए तथा सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतें नीचे आ गईं। सुस्त एवं नीरस कामकाज के बीच पामोलीन तेल एवं सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्ववत बने रहे। जबकि बेकरी कंपनियों की मामूली मांग से कच्चे पाम तेल (सीपीओ) के दाम में मामूली सुधार आया।
नयी दिल्ली, 22 जुलाई घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए तथा सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतें नीचे आ गईं। सुस्त एवं नीरस कामकाज के बीच पामोलीन तेल एवं सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्ववत बने रहे। जबकि बेकरी कंपनियों की मामूली मांग से कच्चे पाम तेल (सीपीओ) के दाम में मामूली सुधार आया।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में सोयाबीन डीगम की आयात की लागत 104.50 रुपये किलो बैठती है और बंदरगाह पर यह 99.50 रुपये किलो के भाव बेचा जा रहा है। इसके उलट, सूरजमुखी रिफाइंड तेल के आयात की लागत 131 रुपये किलो बैठती है और देश में कम आपूर्ति (शॉर्ट स्पलाई) की स्थिति के कारण बंदरगाह पर इसे प्रीमियम के साथ 139 रुपये किलो के ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। इन बातों की देखरेख करना सरकार का काम है और इस तरह की मनमानियों के कारण देश के बैंक और तेल उद्योग संकट का सामना कर रहे हैं। अगर डीगम तेल नीचे दाम पर बिक रहा है तो देशी तेल उद्योग को भी अपने उत्पाद को नीचे दाम पर बेचने को विवश होना पड़ेगा। इन चिंताओं का हल करने की जरूरत है।
शिकॉगो एक्सचेंज रात 2.25 प्रतिशत के सुधार के साथ बंद हुआ था और फिलहाल यहां गिरावट है। वहीं मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार है।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम तेल के कम दाम पर बिकवाली से बाकी सोयाबीन तेल के दाम भी दबाव में रहे और सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा सोयाबीन तिलहन का हाजिर बाजार का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 15-16 प्रतिशत नीचे चल रहा है। अगले लगभग दो महीनों में मूंगफली, बिनौला और सोयाबीन की नयी फसल आ जायेगी। पहले का माल ही नहीं खप रहा और नयी फसल की खपत की कौन चिंता कर रहा है, यह एक गंभीर विषय है। सारे तेल संगठन और समीक्षक इस बारे में आंखें मूंदे हैं।
वहीं दूसरी ओर, देश में सोयाबीन का बाजार नहीं होने और इस वजह से किसानों की ओर से आवक कम रहने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम अपरिवर्तित बने रहे। जब देश में सोयाबीन ठीक से खप नहीं रहा तो पामोलीन कहां से खपेगा। ऐसी स्थिति के बीच पामोलीन तेल के दाम भी अपरिवर्तित रहे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,225-7,275 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,850-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,280-2,580 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,650-2,750 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,650-2,785 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,020 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,1 00 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,150-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

