एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | मलेशियाई बाजार के टूटने से ज्यादातर खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया एक्सचेंज के टूटने से देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन (सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल) के दाम में गिरावट रही, जबकि आवक कम रहने के बावजूद मलेशियाई बाजार की मंदी से बाजार धारणा प्रभावित रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

जरुरी जानकारी | मलेशियाई बाजार के टूटने से ज्यादातर खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल मलेशिया एक्सचेंज के टूटने से देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन (सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल) के दाम में गिरावट रही, जबकि आवक कम रहने के बावजूद मलेशियाई बाजार की मंदी से बाजार धारणा प्रभावित रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट है। जबकि और शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट को देखते हुए पेराई मिलों ने सरसों के दाम कुछ घटा दिये हैं। वैसे देखा जाये तो मंडियों में सरसों की आवक की स्थिति कमजोर बनी हुई है और चीन के बाद अब नेपाल और बांग्लादेश से सरसों खली डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग निकली है। लेकिन मलेशिया एक्सचेंज टूटने की वजह से बाजार धारणा प्रभावित हुई है जो सरसों तेल-तिलहन में गिरावट का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा कि कम आवक के बावजूद मलेशिया एक्सचेंज के कमजोर रहने के कारण सोयाबीन तेल के दाम में भी गिरावट देखने को मिली। लेकिन आवक कम रहने से सोयाबीन तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के टूटने की वजह से महंगे दाम वाले सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट रही। सोयाबीन तेल से इन दोनों तेलों के दाम का अंतर हालांकि पहले से घटा है, लेकिन अब भी इन दोनों तेलों का दाम सोयाबीन तेल से 10-20 डॉलर अधिक ही है। सोयाबीन तेल से जब तक इन दोनों तेलों के दाम में पर्याप्त कमी नहीं होगी इनकी बाजार मांग नहीं बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि चीन की ओर से मूंगफली तेल की आयात मांग है लेकिन कारोबारी माहौल खराब रहने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि उपलब्धता काफी कम रहने के कारण बिनौला तेल के दाम भी पूर्वस्तर पर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,350-6,450 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,750-6,125 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,250-2,550 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,370-2,470 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,370-2,495 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,625-4,675 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,325-4,375 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2025 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).