देश की खबरें | कनेक्टिविटी और आधुनिक अवसंरचना पर देश में सबसे ज्यादा धन खर्च किया जा रहा है : मोदी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

आगरा, सात दिसंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत उनकी सरकार ने नयी परियोजनाओं की शुरुआत करने के साथ-साथ इनके लिए जरूरी धनराशि के इंतजाम पर भी ध्यान दिया है और इस वक्त कनेक्टिविटी तथा आधुनिक अवसंरचना पर देश में सबसे ज्यादा धन खर्च किया जा रहा है।

मोदी ने आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य की वर्चुअल तरीके से शुरुआत करते हुए कहा, ''देश के मूलभूत ढांचे की एक बहुत बड़ी दिक्कत हमेशा से यह रही थी कि नए प्रोजेक्ट की घोषणा तो हो जाती थी लेकिन इसके लिए पैसा कहां से आएगा, इसपर बहुत ध्यान नहीं दिया जाता था। इस वजह से परियोजनाएं वर्षों तक लटकी रहती थीं। हमारी सरकार ने नई परियोजना की शुरुआत करने के साथ ही उसके लिए आवश्यक धनराशि के इंतजाम पर भी उतना ही ध्यान दिया है। कनेक्टिविटी और आधुनिक अवसंरचना पर जितना आज देश में खर्च किया जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं किया गया।''

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अब राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन परियोजना के तहत 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की भी तैयारी है। ‘मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर मास्टर प्लान’ पर भी काम किया जा रहा है। कोशिश यह है कि देश की अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए पूरी दुनिया से निवेश आकर्षित किया जाए। इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट परियोजनाओं में विदेशी निवेश को आसान बनाने के लिए भी हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।’’

उन्होंने आगरा मेट्रो रेल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा, ''आगरा के पास बहुत पुरातन पहचान तो हमेशा से रही। अब इसमें आधुनिकता का नया आयाम जुड़ रहा है। सैकड़ों वर्षों का इतिहास संजोए यह शहर अब 21वीं सदी के साथ कदम ताल मिलाने के लिए तैयार हो रहा है। आगरा में स्मार्ट सुविधाएं विकसित करने के लिए पहले ही लगभग 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।''

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प्रधानमंत्री ने कहा, ''बीते छह साल में उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरे देश में जिस रफ्तार और पैमाने पर मेट्रो नेटवर्क पर काम हुआ, वह इस सरकार की पहचान और प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है। वर्ष 2014 तक देश में लगभग 225 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर संचालन शुरू हुआ था। मगर 2014 के बाद के छह वर्षों में देश में 450 किलोमीटर से ज्यादा मेट्रो लाइन पर संचालन हो रहा है। साथ ही लगभग 1,000 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर तेज गति से काम भी चल रहा है। आज देश के 27 शहरों में मेट्रो का काम या तो पूरा हो चुका है या फिर काम अलग-अलग चरणों में है।''

मोदी ने कहा, ''देश में सिर्फ मेट्रो रेल नेटवर्क नहीं बन रहे, बल्कि आज मेट्रो कोच भी ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही बन रहे हैं। यही नहीं, सिग्नल सिस्टम का भी पूरी तरह से ही भारत में निर्माण हो, इसपर भी काम चल रहा है। यानी अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में भी भारत आत्मनिर्भर हो रहा है।''

प्रधानमंत्री ने कहा, ''बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी का सबसे ज्यादा फायदा हमारे पर्यटन क्षेत्र को होता है। मेरा हमेशा से मत रहा है कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हर किसी के लिए कमाई के साधन हैं। कम से कम निवेश में अधिक से अधिक आमदनी पर्यटन के माध्यम से संभव है। इसी सोच के साथ देश ‘लोकल टूरिज्म’ के लिए ‘वोकल’ हो, इसके लिए अनेक स्तरों पर काम चल रहा है।''

उन्होंने कहा, ''ताजमहल जैसी धरोहरों के आसपास आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ ही सरकार ने न सिर्फ की वीजा स्कीम में शामिल देशों की संख्या में काफी वृद्धि की है, बल्कि होटल रूम टाइप पर टैक्स को भी काफी कम किया है। सरकार के प्रयासों से भारत अब यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में 34वें नंबर पर आ गया है जबकि 2013 में भारत इसी सूचकांक में 65वें स्थान पर रुका पड़ा था। मुझे उम्मीद है जैसे-जैसे कोरोना की स्थिति सुधरती जा रही है, वैसे ही बहुत जल्द ही पर्यटन क्षेत्र की रौनक भी फिर से लौट आएगी।''

आम लोगों की सुविधाओं के लिए अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''रियल एस्टेट सेक्टर की क्या स्थिति थी, इससे हम भलीभांति परिचित हैं। घर बनाने वालों और घर खरीदारों के बीच भरोसे में एक खाई आ चुकी थी। कुछ गलत नियत वाले लोगों ने पूरे रियल स्टेट को बदनाम करके रखा था। इस परेशानी को दूर करने के लिए रेरा का कानून लाया गया। हाल में कुछ रिपोर्ट आई हैं, जो बताती हैं कि इस कानून के बाद मध्यम वर्ग के घर तेजी से पूरे होने शुरू हुए हैं।''

उन्होंने कहा, ''इसी तरह हमारे शहरों में बड़ी संख्या में खाली पड़े घरों की भी समस्या है। यह तब है जब बड़ी आबादी को किराए पर घर मिलने में भी परेशानी होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए भी एक मॉडल कानून बनाकर राज्यों को दिया जा चुका है। शहरों का जीवन आसान बनाने के लिए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से लेकर हाउसिंग तक चौतरफा काम चल रहा है।''

मोदी ने कहा, ''शहरी मध्यम वर्ग के लिए भी पहली बार घर खरीदने के लिए मदद की जा रही है। अब तक साढ़े 12 लाख से ज्यादा शहरी मध्यम वर्गीय परिवारों को भी घर खरीदने के लिए लगभग 28,000 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है। अमृत मिशन के तहत देश के सैकड़ों शहरों में पानी और सीवर जैसी अवसंरचना को उन्नत किया जा रहा है।''

इसके पूर्व, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने आगरा के 15वीं वाहिनी पीएसी परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की वर्चुअल माध्यम से बटन दबाकर शुरुआत की।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित केन्द्र तथा प्रदेश सरकार के मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की।

कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी और केन्द्रीय मंत्री पुरी ने भी संबोधित किया।

कुल 8379.62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली आगरा मेट्रो रेल परियोजना के तहत कुल 29.4 किमी. लंबे दो कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। ताज ईस्ट गेट से सिकन्दरा के बीच लगभग 14 किलोमीटर लंबा पहला कॉरिडोर बनेगा, जिसके तहत 13 मेट्रो स्टेशन होंगे। दूसरा कॉरिडोर आगरा कैण्ट से कालिन्दा विहार के बीच निर्मित होगा, जिसकी लंबाई 15.4 किलोमीटर होगी और इसके तहत कुल 14 मेट्रो स्टेशन होंगे।

इस मेट्रो रेल परियोजना से आगरा की 26 लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। साथ ही, हर साल आगरा आने वाले लगभग 60 लाख पर्यटक भी शहर में विश्वस्तरीय मेट्रो सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के रूप में आगरा शहर को एक अत्याधुनिक और वैश्विक स्तर का ‘मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (एमआरटीएस) उपलब्ध हो सकेगा।

आगरा मेट्रो रेल के कॉरिडोर इस तरह निर्धारित किए गए हैं कि शहर के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, कॉलेजों, प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ा जा सके।

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