नयी दिल्ली, 30 जुलाई नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिये नीतिगित स्तर पर सर्वाधिक ध्यान देने की जरूरत है और सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, वो कदम उठाएगी।
इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (आईएसआईडी) के ऑनलाइन कार्यक्रम में कुमार ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एमएसएमई क्षेत्र की मदद के लिए कई उपायों की घोषणा की है।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी पक्षों को एमएसएमई क्षेत्र के लिये नीतिगत स्तर पर सर्वाधिक ध्यान देने की जरूरत है। एमएसएमई के लिये काफी कुछ लिखा गया है लेकिन क्षेत्र के लिये कुछ चुनौतियां हाल तक बनी हुई थी।’’
कुमार ने कहा कि एमएसएमई की आय में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है और इस क्षेत्र की तीन में से एक के लाभ और आय में महामारी के दौरान गिरावट आयी। ‘‘एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम उसे करेंगे।’’
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र की मदद के लिये उठाये गये कदमों का जिक्र किया। आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 2.73 लाख करोड़ रुपये जारी किये हैं।
एमएसएमई के लिए जोखिम पूंजी आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि एमएसएमई की परि में बदलाव और सरकार द्वारा घोषित श्रम सुधारों के साथ, भारत के लघु तथा मझोले उद्यम अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन सकते हैं।
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