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विदेश की खबरें | नागोर्नो-काराबाख की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी ने पलायन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इस बीच, क्षेत्र की अलगाववादी सरकार ने कहा है कि वह खुद को भंग कर देगी और साल के अंत तक अजरबैजान में गैर मान्यताप्राप्त गणतंत्र का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा।

विदेश की खबरें | नागोर्नो-काराबाख की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी ने पलायन किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस बीच, क्षेत्र की अलगाववादी सरकार ने कहा है कि वह खुद को भंग कर देगी और साल के अंत तक अजरबैजान में गैर मान्यताप्राप्त गणतंत्र का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा।

आर्मीनिया के अधिकारियों के अनुसार जातीय आर्मीनियाई लोगों का क्षेत्र से रविवार से बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हुआ, जो अभी जारी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह तक 84,770 लोग नागोर्नो-काराबाख छोड़ चुके थे।

पलायन शुरू होने से पहले इस क्षेत्र की आबादी लगभग 1,20,000 थी।

हाल में अजरबैजान ने अपने से अलग हुए क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए आक्रामक कार्रवाई की थी और नागोर्नो-काराबाख में आर्मीनियाई सैनिकों से अपने हथियार डालने तथा अलगाववादी सरकार से खुद को भंग करने के लिए कहा था। इसके बाद नागोर्नो-काराबाख की अलगाववादी सरकार ने यह ऐलान किया।

इस संबंध में क्षेत्र के अलगाववादी राष्ट्रपति सैमवेल शेखरामनयन ने एक अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए हैं। दस्तावेज में लड़ाई को खत्म करने के लिए 20 सितंबर को किये गये समझौते का हवाला दिया गया है, जिसके तहत अजरबैजान नागोर्नो-काराबाख के निवासियों को ‘‘स्वतंत्र, स्वैच्छिक और बिना रोकटोक आवाजाही’’ की अनमुति देगा और बदले में आर्मीनिया में सैनिकों को अपने हथियार सौंपने होंगे।

अजरबैजान ने क्षेत्र में मूल आर्मीनियाई लोगों के अधिकारों का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जतायी है।

नागोर्नो-काराबाख अजरबैजान का एक क्षेत्र है जो कि 1994 में खत्म हुई अलगवावादी लड़ाई के बाद आर्मीनियाई सेना के समर्थन से जातीय आर्मीनियाई बलों के नियंत्रण में आ गया था। वर्ष 2020 में छह सप्ताह के युद्ध के दौरान अजरबैजान ने नागोर्नो-काराबाख के आसपास के क्षेत्रों के अलावा उन क्षेत्र के कुछ हिस्सों को भी वापस ले लिया था, जिस पर जातीय आर्मीनियाई बलों ने पूर्ववर्ती संघर्ष में कब्जा कर लिया था।

नागोर्नो-काराबाख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अजरबैजान के संप्रभु क्षेत्र के हिस्से के रूप में मान्यता दी गई थी।

एपी

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2023 03:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).