कोरोना संकट: एक मई से 3,604 श्रमिक विशेष ट्रेनों से 48 लाख से अधिक प्रवासियों को ले जाया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय रेलवे गत एक मई से 3,604 ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों से 48 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को लेकर गई है।

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Youtube)

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे गत एक मई से 3,604 ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों से 48 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को लेकर गई है. आधिकारिक आंकड़े के अनुसार इनमें से 3,157 ट्रेनों की यात्रा समाप्त हो गई है जबकि 386 रास्ते में है.पांच शीर्ष राज्य जहां से अधिकतम ट्रेनों का परिचालन हुआ है उनमें गुजरात (946), महाराष्ट्र (677), पंजाब (377), उत्तर प्रदेश (243) और बिहार (215) हैं. भारतीय रेलवे ने एक मई को प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए इन प्रवासी विशेष ट्रेनों का परिचालन शुरू किया था.

इन ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों की यात्रा देशभर के विभिन्न राज्यों में समाप्त हुई है। ऐसे शीर्ष पांच राज्य जहां अधिकतम संख्या में ट्रेनों ने अपनी यात्रा समाप्त की है, उनमें उत्तर प्रदेश (1,392), बिहार (1,123), झारखंड (156), मध्य प्रदेश (119) और ओडिशा (123) शामिल हैं. भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने यात्रा करने वाले प्रवासी श्रमिकों को 78 लाख से अधिक मुफ्त भोजन और 1.10 करोड़ से अधिक पानी की बोतल वितरित की है. ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों का परिचालन मुख्य रूप से राज्यों के अनुरोध पर किया जा रहा है, जो चाहते थे कि कोविड-19 से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा सके. यह भी पढ़े | तेलंगाना में 3 साल का बच्चा खुले बोरवेल में गिरा, राहत बचाव कार्य जारी.

इन ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों की यात्रा देशभर के विभिन्न राज्यों में समाप्त हुई है। ऐसे शीर्ष पांच राज्य जहां अधिकतम संख्या में ट्रेनों ने अपनी यात्रा समाप्त की है, उनमें उत्तर प्रदेश (1,392), बिहार (1,123), झारखंड (156), मध्य प्रदेश (119) और ओडिशा (123) शामिल हैं.भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने यात्रा करने वाले प्रवासी श्रमिकों को 78 लाख से अधिक मुफ्त भोजन और 1.10 करोड़ से अधिक पानी की बोतल वितरित की है. ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों का परिचालन मुख्य रूप से राज्यों के अनुरोध पर किया जा रहा है, जो चाहते थे कि कोविड-19 से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा सके.

भारतीय रेलवे प्रत्येक ट्रेन चलाने की कुल लागत का 85 प्रतिशत वहन कर रही है, जबकि बाकी का किराया राज्यों द्वारा वहन किया जा रहा है।कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लाखों प्रवासी श्रमिकों की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है.

भारतीय रेलवे ने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों का परिचालन उत्तर प्रदेश और बिहार में विभिन्न स्थानों के लिए किया जा रहा है.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

हॉर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक पहल, नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षित समुद्री रास्तों पर बनाई साझा रणनीति

MI vs PBKS, IPL 2026 24th Match Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से रौंदा, लगाया जीत का चौका; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

GT vs KKR, IPL 2026 25th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा गुजरात टाइटंस बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

GT vs KKR, IPL 2026 25th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 25वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर लय बरकरार रखना चाहेगी गुजरात टाइटंस, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू