देश की खबरें | विशेष कानूनों के तहत सांसदों/ विधायकों के खिलाफ 200 से अधिक मामले लंबित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को सूचित किया गया कि अलग-अलग राज्यों में सांसदों/विधायकों के खिलाफ 200 से अधिक मामले भ्रष्टाचार रोधी कानून, धनशोधन निषेध कानून और पॉक्सो जैसे विशेष कानूनों के तहत लंबित हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 15 सितंबर उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को सूचित किया गया कि अलग-अलग राज्यों में सांसदों/विधायकों के खिलाफ 200 से अधिक मामले भ्रष्टाचार रोधी कानून, धनशोधन निषेध कानून और पॉक्सो जैसे विशेष कानूनों के तहत लंबित हैं।

शीर्ष अदालत को यह भी सूचित किया गया करीब एक दर्जन संसद सदस्य या विधानसभाओं के सदस्य (पूर्व और मौजूदा) हैं जिनके खिलाफ आयकर कानून, कंपनी कानून, शस्त्र कानून, आबकारी कानूनी और एनडीपीएस कानून के तहत मामला लंबित है।

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न्याय मित्र एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने कहा, ‘‘ पांच मार्च 2020 और 10 सितंबर 2020 के आदेश के अनुपालन में उच्च न्यायालयों को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 175 मामले भ्रष्टाचार निरोधक कानून-1988 के तहत और 14 मामले धनशोधन निषेध कानून-2002 के तहत लंबित हैं।’’

रिपोर्ट को हंसारिया ने वकील स्नेहा कलिता के सहयोग से संकलित किया है। इसमें कहा गया है कि लंबित मामलों के विश्लेषण से पता चलता है कि पूरे देश में सांसदों/विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें गठित करने में एकरूपता नहीं है।

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गौरतलब है कि 10 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालयों से 12 सितंबर तक ई-मेल के जरिये नेताओं के खिलाफ विशेष कानूनों जैसे भ्रष्टाचार निरोधक कानून, धनशोधन निरोधक कानून और काला धन कानून के तहत लंबित मामलों की जानकारी देने को कहा था।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में एक विशेष अदालत है। तेलंगाना में सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के साथ सीबीआई की विशेष अदालत में भी मामले लंबित है। अन्य सभी राज्यों में ये मामले संबंधित न्यायाधिकार क्षेत्र की अदालतों में लंबित हैं।’’

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