देश की खबरें | धन शोधन मामला: ईडी ने सत्येंद्र जैन की पत्नी को तलब किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम जैन को अगले हफ्ते तलब किया है। सत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ धनशोधन मामले में जब्त डिजिटल उपकरणों से जानकारी निकालने के दौरान पूनम को मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
नयी दिल्ली, आठ जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम जैन को अगले हफ्ते तलब किया है। सत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ धनशोधन मामले में जब्त डिजिटल उपकरणों से जानकारी निकालने के दौरान पूनम को मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पूनम से मामले में छापेमारी के दौरान पहले जब्त किए गए उपकरणों से जानकारी निकालने के दौरान ईडी मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है।
सत्येंद्र जैन (57) को ईडी ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं में 30 मई को गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में हैं।
वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में मंत्री हैं और फिलहाल उनके पास कोई विभाग नहीं है। जैन के पास स्वास्थ्य, बिजली और अन्य महकमे थे।
एजेंसी ने कथित हवाला लेन-देन से जुड़े मामले में मंत्री को गिरफ्तार करने के बाद उनके परिवार और सहयोगियों के यहां कम से कम दो बार छापेमारी की है। ईडी ने इस महीने उनके दो कारोबारी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
एजेंसी ने दावा किया था कि छह जून को सत्येंद्र जैन के परिवार और अन्य के यहां छापेमारी के बाद उसने 2.85 करोड़ रू नकद और सोने के 133 सिक्के जब्त किए थे।
ईडी ने आरोप लगाया था कि 2015 और 2016 के दौरान जब सत्येंद्र कुमार जैन एक लोक सेवक थे, तब उनके स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों को कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर को हवाला के जरिए भेजी गई रकम के बदले मुखौटा कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपये मूल्य की प्रविष्टियां मिलीं।
ईडी ने कहा था, ‘‘इन राशियों का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद को लेकर लिये गए ऋण की अदायगी में किया गया था।’’
आप के मंत्री के खिलाफ धन शोधन का मामला अगस्त 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के बाद आया है।
सीबीआई ने दिसंबर 2018 में एक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि 2015-17 के दौरान कथित आय से अधिक संपत्ति का मूल्य 1.47 करोड़ रुपये था, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 217 प्रतिशत अधिक था।
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