देश की खबरें | मोदी ने की नेतन्याहू से बात, भारत आने का दिया निमंत्रण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल के अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
नयी दिल्ली, 11 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल के अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण भी दिया। पीएमओ ने कहा कि मोदी ने रिकार्ड छठी बार इजराइल का प्रधानमंत्री बनने पर नेतन्याहू को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
पीएमओ के अनुसार दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में तेज प्रगति पर संतोष भी व्यक्त किया। नेतन्याहू ने दो हफ्ते पहले ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। इसके बाद दोनों नेताओं की आज पहली बार बातचीत हुई है।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसके धुर-दक्षिणपंथी सहयोगियों ने पिछले साल यहूदी राष्ट्र में आम चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। मोदी ने बाद में एक ट्वीट में कहा, ‘‘मेरे अच्छे मित्र बेंजामिन नेतन्याहू से बात करना सुखद रहा। चुनावों में प्रभावी जीत हासिल करने और रिकॉर्ड छठी बार प्रधानमंत्री बनने पर मैंने उन्हें बधाई दी। मुझे खुशी है कि भारत-इजराइल रणनीति साझेदारी को साथ मिलकर आगे ले जाने का हमारे पास एक और मौका है।’’
नेतन्याहू के कार्यालय ने दोनों नेताओं के बीच बातचीत को "गर्मजोशी भरा और अच्छा" बताया। उसने एक ट्वीट में कहा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत गर्मजोशी भरी और अच्छी रही।"
उसने कहा, ''भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के गठन पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बधाई दी और द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने के महत्व पर जोर दिया। वे जल्द ही मिलने के लिए सहमत हो गए।"
नेतन्याहू के इस साल भारत आने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 2019 में उनकी भारत यात्रा रद्द हो गई थी। दोनों पक्ष 2021 में उनकी भारत यात्रा की योजना पर काम कर रहे थे, लेकिन यह सफल नहीं हो सका क्योंकि उन्हें उसी साल जून में सत्ता से हटा दिया गया था।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि और जल सहित कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत हुए हैं।
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