जरुरी जानकारी | मोदी ने कहा, कोविड-19 टीकाकरण के लिए होगा मोबाइल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान में मोबाइल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस महामारी का टीका जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान में मोबाइल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस महामारी का टीका जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कंफ्रेंसिंग के जरिये इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी- 2020) के चौथे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश को दूरसंचार उत्पादों, उनके डिजाइन, विकास और विनिर्माण का बड़ा केन्द्र बनाने के लिये सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है।

यह भी पढ़े | ITR Filing Tips: आईटी रिटर्न 2019-20 दाखिल करने से पहले गांठ बांध लें ये जरुरी बातें.

मोदी ने पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल सेवा या 5जी मोबाइल नेटवर्क को जल्द से जल्द से शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे ‘मल्टी-जीबीपीएस पीक डेटा स्पीड’ उपलब्ध हो सकेगी।

मोबाइल प्रौद्योगिकी को जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी बताते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पारदर्शिता और कोरोना महामारी के दौरान रोजमर्रा के काम करने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का टीकाकरण अभियान चलाने में भी इससे मदद मिलेगी। हालांकि, उन्होंने इसका ब्योरा नहीं दिया।

यह भी पढ़े | Agra Metro Construction: पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सोमवार को आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य का करेंगे शुभारंभ.

उन्होंने कहा, ‘‘मोबाइल प्रौद्योगिकी से लाखों लोगों को अरबों डॉलर का फायदा हुआ है। इसकी वजह से ही आज नकदीरहित लेनदेन बढ़ा है।’’

मोदी ने मोबाइल प्रौद्योगिकी को जीवन के हर क्षेत्र में बेहतरी लाने वाला बताया और कहा कि आज भारत मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में दुनिया का सबसे पसंदीदा केन्द्र बनकर उभरा है।

मोदी ने कहा कि सरकार दूरसंचार प्रौद्योगिकी और समूचे दूरसंचार क्षेत्र में पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले तीन साल में हर गांव को उच्च गति की फाइबर आप्टिक केबल के जरिये जोड़ दिया जाएगा। ‘‘योजना पर काम हो रहा है। अंडमान निकोबार को पहले ही तीव्र गति की दूरसंचार सेवा से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ आकांक्षी जिलों, चरम वामपंथी गतिविधियों से प्रभावित जिलों और पूर्वोत्तर राज्यों तथा लक्षद्वीप को भी तीव्र दूरसंचार सेवा से जोड़ने पर हमारा ध्यान है।’’

तीन दिन तक चलने वाली ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस- 2020’’ दक्षिण एशिया क्षेत्र का सबसे बड़ा दूरसंचार सम्मेलन है। इसमें 150 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं जबकि 15,000 से अधिक दर्शकों, निवेशकों और क्षेत्र से जुड़े लोगों के इसमें भाग लेने की उम्मीद है। आभासी तरीके से आयोजित किये जा रहे इस सम्मेलन में दुनिया के दूरसंचार क्षेत्र के कई प्रमुख ब्रांड और नाम भाग ले रहे हैं।

मोदी ने कहा कि पहली टेलीफोन कॉल होने के बाद से इस क्षेत्र में देश-दुनिया ने लंबा रास्ता तय किया है। ‘‘दस साल पहले मोबाइल क्रांति के हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सोचना भी मुश्किल था। नवीन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किस प्रकार से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, सूचना पहुंचाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। इस दिशा में पहल होनी चाहिये।’’

उन्होंने नई पीढ़ी की 5जी दूरसंचर सेवाओं की दिशा में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया ताकि देशवासियों तक इस आधुनिक दूरसंचार प्रौद्योगिकी का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोबाइल कांग्रेस का यह सम्मेलन इस दिशा में बेहतर ढांचा तैयार करने की दिशा में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुये कहा, ‘मेरा युवाओं को संदेश है कि वे अपनी क्षमताओं और उत्पादों पर भरोसा करें।’’ देश में तेजी से बढ़ते ऐप बाजार के संदर्भ में उन्होंने यह बात कही। युवाओं द्वारा तैयार कई ऐप आज कई कंपनियों को पीछे छोड़ चुकी हैं।

देश में मोबाइल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि आज देश में एक अरब से ज्यादा लोग मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें से 75 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहें हैं। इनमें से आधे से अधिक इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोग पिछले चार साल में ही जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल शुल्क दरें बहुत कम हैं। यही वजह है कि यह तेजी से बढ़ता मोबाइल ऐप बाजार बन रहा है। डिजिटल संभावनायें भी सबसे अधिक हैं। इससे महामारी के दौरान भी गरीब और वंचितों को मदद पहुंच पाई।

प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से कहा कि तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के कारण इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के पुराने पड़ने और इलेक्ट्रॉनिक कचरा बढ़ने की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुये इसके उपयुक्त निस्तारण के तौर-तरीकों पर विचार के लिये उसे एक कार्यबल बनाना चाहिये। उद्योग जगत को चक्रीय अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सोच-विचार करना चाहिये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\