आइजोल, नौ दिसंबर मिजोरम सरकार ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण नौकरियां गंवाने वाले प्रवासी श्रमिकों की उचित रोजगार हासिल करने में मदद करने के लिए एक परियोजना शुरू की है।
मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने मिजोरम युवा आयोग (एमजेडसी) के तहत ‘‘लौटे प्रवासी कर्मियों के लिए आजीविका सृजन’’ परियोजना शुरू की।
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पूर्वोत्तर परिषद इस परियोजना के लिए धन मुहैया कराएगी और इसके तहत 2,600 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। इन लोगों को कौशल के आधार पर प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें उचित रोजगार मिल सके।
जोरमथांगा ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है और मिजोरम कोई अपवाद नहीं है।
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उन्होंने वैश्विक महामारी के कारण नौकरी जाने के बाद मिजोरम लौटने पर मजबूर हुए राज्य के प्रवासी श्रमिकों के लिए खेद प्रकट किया।
जोरमथांगा ने युवाओं का आह्वान किया कि वे मिजोरम को पूर्वोत्तर क्षेत्र में सर्वाधिक लोकसेवक देने वाले राज्यों में शामिल करने के लिए दृढ़ता और लगन के साथ काम करें।
उन्होंने कहा कि लोक सेवा के तहत अधिक से अधिक अधिकारी तैयार करने के लिए कोचिंग एवं प्रायोजन कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट के विधायक वनलालटनपुइया ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण कम से कम 2,637 प्रवासी श्रमिकों की नौकरी चली गई है और वे राज्य लौटे हैं।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रवासी कर्मियों को उनकी आजीविका कमाने में मदद करेगी।
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