देश की खबरें | मित्तल ने फिर आईओसी नैतिक आयोग को पत्र लिखा, बत्रा पर दागी भनोट को दोबारा शामिल करने का आरोप लगाया
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नयी दिल्ली, 18 जून नरिंदर बत्रा के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए आईओए के उपाध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नैतिक आयोग के चेयरमैन बान की-मून को पत्र लिखकर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष पर ‘गैरकानूनी’ तरीके से ‘दागी’ ललित भनोट को दोबारा राष्ट्रीय संस्था में शामिल करने का आरोप लगाया है।
मित्तल ने आरोप लगाया कि आईओए अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के बाद बत्रा ने विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ भनोट को दोबारा आईओए में शामिल कर लिया जबकि 2010 राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार के कई मामले उनके खिलाफ अदालत में लंबित थे।
मित्तल ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की-मून को लिखे पत्र में कहा, ‘‘14.12.2017 को भारतीय ओलंपिक संघ का अध्यक्ष चुने जाने के तुरंत बाद डॉ. नरिंदर ध्रुव बत्रा ने ऐसे व्यक्ति को पुन: बहाल कर दिया जिसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल हुआ है। डॉ. ललित भनोट को अहम समिति का अध्यक्ष और सदस्य बनाया गया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘22.05.2020 तक डॉ. भनोट आईओए की विधि समिति के भी सदस्य थे।’’
मित्तल ने कहा, ‘‘डॉ. ललित भनोट की अवैध नियुक्ति के संदर्भ में शिकायत आईओए नैतिक आयोग, जिसका मैं भी सदस्य हूं, और आईओसी नैतिक आयोग को 08.05.2020 को भेजी गई।’’
भनोट को इसके अलावा आईओए में तैयारी समिति का अध्यक्ष, खेल संहित आयोग का अध्यक्ष, राष्ट्रीय खेल प्रारूप समीक्षा समिति का अध्यक्ष, समन्वय आयोग का सदस्य, खेल विकास आयोग का सदस्य और कोर समिति का सदस्य भी बनाया गया।
मित्तल ने इससे पहले 2017 में आईओए अध्यक्ष पद पर बत्रा के चुनाव में कथित अनियमितताओं की आईओसी नैतिक आयोग से जांच कराने की मांग की थी लेकिन पिछले हफ्ते वैश्विक संस्था ने इसे ठुकरा दिया था।
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