देश की खबरें | मंत्रालय ने खेल संहिता के अनुपालन के लिए पांच एनएफएस को एक साल और दूसरों को छह महीने का समय दिया
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नयी दिल्ली, चार फरवरी खेल मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को राष्ट्रीय खेल विकास संहिता के अनुसार अपने संविधान को संशोधित करने के लिए छह महीने जबकि पांच खेल संघों को एक साल का समय दिया है जिससे वे सरकारी मान्यता के पात्र होने की शर्तों को पूरा कर पायेंगे।
‘विशेष स्थिति’ के कारण जिन पांच एनएसएफ को एक साल का समय दिया गया है उसमें नौकायन, घुड़सवारी, पोलो, मोटरस्पोर्ट और विशेष ओलंपिक भारत शामिल है।
संयुक्त सचिव (खेल) एल सिद्धार्थ सिंह और एनएसएफ के प्रतिनिधियों के बीच एक ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के दौरान सिंह ने एनएसएफ को बताया कि खेल संहिता के प्रावधानों का अनुपालन संघों के लिए बाध्यकारी है।
खेल मंत्रालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘ उन्हें खेल संहिता के प्रावधानों को लागू करने के साथ अपने मामलों के प्रबंधन में भी खेल संहिता में उल्लिखित प्रावधानों का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही संघों को उनके गठन / उपनियमों में अपेक्षित संशोधन करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए ताकि वे खेल संहिता के अनुकूल हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए पांच एनएफएस को छोड़कर बाकी संघों को छह महीने का समय दिया गया है। इन पांच संघों को संविधान/ उपनियमों में बदलाव के लिए एक साल का समय इस लिए दिया गया है क्योंकि उनकी स्थिति विशेष है।’’
खेल मंत्रालय के अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इसके बाद एनएसएफ को और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
मंत्रालय ने सभी एनएसएफ को कहा है कि खेल संहिता के प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में हर 15 दिन में जानकारी उपलब्ध कराये जिससे माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय को भी इससे अवगत कराया जा सके।
कई एनएसएफ और आईओए ने पदाधिकारियों के आयु और कार्यकाल के नियमों का विरोध किया था जिससे खेल संहिता विवादों में घिर गयी थी।
दिलचस्प बात यह है कि खेल मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर सोमवार को कहा था कि संघों को मान्यता देने और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रबंधन के बारे में फैसला करने के दौरान राष्ट्रीय खेल विकास संहिता के प्रावधानों को शिथिल करने का अधिकार होगा। खेल मंत्रालय के एक सर्कुलर में यह जानकारी दी गयी है।
यह सर्कुलर एल सिद्धार्थ सिंह ने जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल संहिता 2011 में छूट देने संबंधी प्रावधान जोड़ने का निर्णय किया है।
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