नयी दिल्ली, 30 जनवरी रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने 76वें गणतंत्र दिवस परेड के सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों और झांकियों को बृहस्पतिवार को पुरस्कृत किया।
झांकियों की श्रेणी में प्रयागराज में जारी महाकुंभ मेले को प्रदर्शित करने वाली उत्तर प्रदेश की झांकी को पहला पुरस्कार मिला, जबकि जम्मू और कश्मीर राइफल्स के मार्चिंग दस्ते को तीनों सशस्त्र सेवाओं के दस्तों में सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ‘‘शाश्वत श्रद्धा’’ विषय पर आधारित त्रिपुरा की झांकी ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों की श्रेणी में दूसरा पुरस्कार जीता है। पर्यावरण अनुकूल लकड़ी के खिलौनों को प्रदर्शित करने वाली आंध्र प्रदेश की झांकी को तीसरे स्थान पर रही।
ये पुरस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित एक समारोह में प्रदान किये गये।
केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की झांकियों की श्रेणी में जनजातीय कार्य मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का पुरस्कार दिल्ली पुलिस की टुकड़ी के नाम रहा।
इसके अलावा, 26 से 28 जनवरी तक ‘माइगॉव’ पोर्टल पर एक ऑनलाइन मतदान कराया गया था, जिसमें आम लोगों से उनकी पसंदीदा झांकी और मार्चिंग टुकड़ियों को ‘लोकप्रिय श्रेणी’ के लिए मतदान करने को कहा गया था।
सर्वेक्षण में गुजरात (स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास) की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: उत्तर प्रदेश (महाकुंभ 2025) और उत्तराखंड (सांस्कृतिक विरासत और साहसिक खेल) रहे। लोकप्रिय क्षेणी में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का पुरस्कार सिग्नल्स को मिला।
सर्वेक्षण में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मार्चिंग दस्ते को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ दस्ते के रूप में चुना गया।
सर्वेक्षण में केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को दिया गया है।
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