अहमदाबाद, 14 फरवरी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को स्वास्थ्य और जीवनशैली पर लोगों को सलाह देने वाले अक्षम और स्वयंभू परामर्शदाताओं की एक नई श्रेणी पर चिंता व्यक्त की और अफसोस जताया कि डॉक्टरों की तरह उनके लिए कोई नियमन नहीं है।
सिंह ने ऐसे लोगों को "गलत सूचना" के प्रसार के लिए भी जिम्मेदार ठहराया।
पेशे से मधुमेह विशेषज्ञ सिंह 'विश्व मधुमेह कांग्रेस' का उद्घाटन करने के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे। यह कांग्रेस (औपचारिक सम्मेलन) 16 फरवरी तक चलेगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्वयंभू परामर्शदाताओं की नई पीढ़ी को लेकर बहुत अधिक सावधानी की जरूरत है। सिंह ने कहा कि आज बाजार में विभिन्न प्रकार के आहार चार्ट उपलब्ध हैं। इस देश में सूचना से अधिक गलत सूचना है, जो कहर ढा रही है।
सिंह ने कहा, “ वे आपको ग्राफ से प्रभावित करेंगे और आपको लगेगा कि यही सत्य है। दुर्भाग्य से, आपके पास उनके लिए कोई नियमन नहीं है, और नियमित डॉक्टरों की तरह उनके लिए कोई अनिवार्य पंजीकरण नहीं है।”
मंत्री ने कहा कि पहले झोलाझाप लोग ऐसे काम करते थे, लेकिन अब अंग्रेजी बोलने वाले लोग ऐसा कर रहे हैं।
सिंह ने देश में मधुमेह और मोटापे से लड़ने के लिए सामूहिक प्रयास का भी आह्वान किया।
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