रांची, 15 मई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि
दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को लाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए विमानों का भी इस्तेमाल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री सोरेन ने ट्वीट किया कि उनकी सरकार अपने राज्य के प्रवासियों को दूसरे राज्यों से लाने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के प्रवासियों को वापस लाने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए विमानों का भी इस्तेमाल किया जाएगा जिसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विशेष रेलगाड़ियों और बसों से प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों को वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है और यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक सभी प्रवासी श्रमिक सुरक्षित घर नहीं आ जाते हैं।’’
सोरेन ने कहा, ‘‘राज्य के मुख्य सचिव ने 12 मई को गृह मंत्रालय को पत्र
लिखकर दो विशेष विमानों से अंडमान निकोबार से 319 प्रवासियों को वापस लाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अब तक इसकी अनुमति नहीं मिली है।’’
उन्होंने कहा कि झारखंड के प्रवासियों को वापस लाने के लिए 110 ट्रेनों के
लिए अनुमति दे रखी है लेकिन अब तक 50 ट्रेन ही 60 हजार लोगों को लेकर
यहां पहुंची हैं। शेष ट्रेन आनी बाकी हैं।
उन्होंने कहा कि हमें राज्य के सभी प्रवासियों को राज्य में वापस लाना है और जब तक सभी प्रवासी वापस नहीं आ जाते हैं हमारा यह अभियान जारी रहेगा।
, इन्दु
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