नयी दिल्ली, 12 मई पुणे-प्रयागराज श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार 34 वर्षीय एक प्रवासी मजदूर की सोमवार को मौत हो गई और उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुणे में एक होटल में काम करने वाला अखिलेश कुमार उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित अपने घर लौट रहा था। यात्रा के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका शव मध्य प्रदेश में सतना जिले के मझगांव में ट्रेन से उतारा गया।
ट्रेन सोमवार को शाम तकरीबन साढे छह बजे मझगांव स्टेशन पहुंची और तीन घंटे बाद वहां से रवाना हुई।
कुमार अपने दो मित्रों के साथ उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ था। कुमार के मित्र भी पुणे में काम करते थे।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के डीजी अरुण कुमार ने कहा, ‘‘प्रवासी श्रमिक की पुणे-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन में मौत हो गई और उसका शव मध्य प्रदेश में उतारा गया। पोस्टमार्टम कराया गया है।’’
उन्होंने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रवासी श्रमिक कोरोना वायरस से संक्रमित था या नहीं।
श्रमिक की मौत का कारण पता लगाने के लिए उसे पूर्व में हुई किसी बीमारी और इलाज के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। राजकीय रेलवे पुलिस ने उसकी मृत्यु के बारे में उसके परिवार को जानकारी दे दी है।
अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रेल ने एक मई से 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है और कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है।
अभी तक चलायी गई 542 ट्रेनों में से 448 ट्रेनें अपने गंतव्य स्थान पहुंच चुकी हैं जबकि 94 रास्ते में हैं।
सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा था कि रेलवे श्रमिकों का तेजी से आवागमन सुविधाजनक बनाने के लिए अब दैनिक आधार पर 100 ‘‘श्रमिक स्पेशल’’ ट्रेनों का संचालन करेगा।
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