जरुरी जानकारी | उच्च न्यायालय में सुनवाई से पहले माइक्रोसॉफ्ट ने नायरा की सेवाएं कीं बहाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन ने रूस की पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी की सेवांए बहाल कर दी हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 30 जुलाई माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन ने रूस की पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी की सेवांए बहाल कर दी हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली उच्च न्यायालय में निर्धारित सुनवाई से ठीक पहले यह फैसला किया गया है।
माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद नायरा एनर्जी को सेवाएं देना बंद कर दिया था। इस पर भारतीय रिफाइनरी नायरा एनर्जी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ मुकदमा किया है जिस पर बुधवार को सुनवाई निर्धारित है।
स्थिति से परिचित सूत्रों ने हालांकि बताया कि सुनवाई से पहले, माइक्रोसॉफ्ट ने नायरा के लिए ईमेल, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और अन्य सेवाओं तक पूर्ण पहुंच बहाल कर दी।
कंपनी ने 28 जुलाई को बयान में कहा था, ‘‘नायरा एनर्जी ने महत्वपूर्ण सेवाओं के अचानक और एकतरफा निलंबन के बाद माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। माइक्रोसॉफ्ट नायरा एनर्जी की अपने डेटा, मालिकाना उपकरणों और उत्पादों तक पहुंच को रोक रही है जबकि ये पूरी तरह से भुगतान किए गए लाइसेंस के तहत हासिल किए गए हैं।’’
यूरोपीय संघ ने इस महीने की शुरुआत में यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर रूस के खिलाफ नए उपायों के तहत नायरा पर प्रतिबंध लगाए थे।
रोसनेफ्ट की नायरा एनर्जी लिमिटेड, जिसे पहले एस्सार ऑयल लिमिटेड के नाम से जाना जाता था] में 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नायरा गुजरात के वडिनार में दो करोड़ टन सालाना क्षमता वाली एक तेल रिफाइनरी और 6,750 से ज्यादा पेट्रोल पंप का संचालन करती है।
नायरा ने कहा, ‘‘माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों की एकतरफा व्याख्या पर आधारित है, और कॉरपोरेट अतिक्रमण के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। भारत के ऊर्जा परिवेश पर इसके प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं भी उत्पन्न होती हैं।’’
कंपनी ने कहा था कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अपने अधिकारों की रक्षा और आवश्यक डिजिटल बुनियादी ढांचे तक लगातार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम राहत देने और सेवाएं फिर से शुरू करने की मांग की है।
उसने कहा, ‘‘ इन कदमों का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं और हितधारकों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने की नायरा की क्षमता में किसी भी संभावित व्यवधान को रोकना है।’’
नायरा एनर्जी ने कहा कि हालांकि ये प्रतिबंध विशेष रूप से यूरोपीय संघ की ओर से हैं, लेकिन अमेरिका स्थित कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने नायरा एनर्जी से सेवाएं वापस लेने का फैसला किया है जबकि ऐसा करने के लिए अमेरिकी या भारतीय कानून के तहत कोई बाध्यता नहीं है।
कंपनी ने कहा कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपालन की आड़ में एकतरफा रूप से की गई है।
बयान में कहा गया, ‘‘नयारा एनर्जी के सामने मौजूद इन बाहरी चुनौतियों के बावजूद हम भारत की ऊर्जा मांगों को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2025 01:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

