जरुरी जानकारी | वांछित नतीजे नहीं दे रही एमईआईएस योजना, वाणिज्य विभाग करेगा ‘कवरेज’ की समीक्षा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राजस्व विभाग ने वाणिज्य मंत्रालय से भारत से वस्तुओं के निर्यात की योजना(एमईआईएस) के दायरे (कवरेज) की समीक्षा करने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि इस निर्यात प्रोत्साहन योजना ने ‘वांछित’ नतीजे नहीं दिए हैं। ऐसे में चालू वित्त वर्ष के दौरान इस कार्यकम के तहत वित्तीय लाभ को कम कर 9,000 करोड़ रुपये तक लाने का लक्ष्य है।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई राजस्व विभाग ने वाणिज्य मंत्रालय से भारत से वस्तुओं के निर्यात की योजना(एमईआईएस) के दायरे (कवरेज) की समीक्षा करने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि इस निर्यात प्रोत्साहन योजना ने ‘वांछित’ नतीजे नहीं दिए हैं। ऐसे में चालू वित्त वर्ष के दौरान इस कार्यकम के तहत वित्तीय लाभ को कम कर 9,000 करोड़ रुपये तक लाने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि एमईआईएस के तहत देनदारी 2019-20 में बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो ‘टिकाऊ’ स्तर नहीं है।
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एक सूत्र ने बताया कि इसी के मद्देनजर वाणिज्य मंत्रालय से एमईआईएस की शुल्क लाइनों और दरों की समीक्षा को कहा गया है ताकि चालू वित्त वर्ष के दौरान एमईआईएस प्रोत्साहन को घटाकर 9,000 करोड़ रुपये के स्तर पर लाया जा सके।
सूत्रों ने कहा कि इस बचत का इस्तेमाल उन क्षेत्रों को समर्थन के लिए किया जा सकता है, जिनमें वृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान करने तथा निर्यात की अधिक क्षमता है।
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सूत्रों ने कहा कि एमईआईएस की समीक्षा का मकसद संसाधनों का महत्तम और लक्षित तरीके से इस्तेमाल करना है।
वाणिज्य विभाग से यह भी कहा गया है कि एमईआईएस प्रोत्साहनों को इस तरीके से लक्षित किया जाना चाहिए कि यह निर्यात को प्रोत्साहन दे। इसके प्रोत्साहन इस तरह से नहीं दिए जाने चाहिए कि ये वांछित नतीजे न दे सकें।
एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के बाद सरकार को गंभीर वित्तीय संकट से जूझना होगा। ऐसे में सीमित संसाधनों का महत्तम इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संसाधनों को उत्पादकता आधारित प्रोत्साहन और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अन्य योजनाओं की ओर मोड़ना तात्कालिक जरूरत है।’’
अजय
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