देश की खबरें | महबूबा ने ‘13 जुलाई के शहीदों’ की याद में प्रस्ताव सदन में पारित कराने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पार्टी के तीनों विधायकों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ‘13 जुलाई के शहीदों’ की याद में अवकाश की मांग वाला प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सबसे पहले पारित हो।
जम्मू, दो मार्च पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पार्टी के तीनों विधायकों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ‘13 जुलाई के शहीदों’ की याद में अवकाश की मांग वाला प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सबसे पहले पारित हो।
श्रीनगर केंद्रीय कारागार के बाहर डोगरा महाराजा के सैनिकों की गोलियों से शहीद हुए 22 लोगों की याद में जम्मू-कश्मीर में 13 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश रहता था। यह घटना 1931 की है। वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने अवकाश को समाप्त कर दिया था।
पीडीपी के सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के विधायकों से सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान ‘13 जुलाई के शहीदों’ की याद में अवकाश की मांग संबंधी प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटाने को कहा।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या किसी पीडीपी विधायक ने विधानसभा सचिवालय में प्रस्ताव पेश कर प्रदर्शनकारियों के बलिदान को याद करने के लिए 13 जुलाई को आधिकारिक अवकाश घोषित करने की मांग की है।
सूत्रों ने बताया कि पीडीपी चाहती है कि सदन 13 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए राजनीतिक जागृति की शुरुआत के रूप में याद रखे।
पीडीपी के एक नेता ने कहा, ‘‘ इन शहीदों को औपनिवेशिक और निरंकुश शासन के खिलाफ उनके प्रतिरोध के लिए याद किया जाता है, जो कश्मीरियों के लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों के लिए लंबे समय से जारी संघर्ष का प्रतीक है।’’
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