शिलांग, 20 जून मेघालय के सत्तारूढ़ गठबंधन की अगुवाई वाली पार्टी एनपीपी ने विपक्षी कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर गठबंधन सहयोगी यूडीपी को बाहर कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद एनपीपी का एक नेता एक स्वायत्त जिला परिषद की कार्यकारी समिति का प्रमुख बन गया है।
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के सदस्य, पिनीएड सिंग सयीम ने टिटोस्टारवेल चाइन के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस कार्यकारी समिति के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया, जिसके चलते यूडीपी सोमवार को 30 सदस्यीय सदन में अल्पमत में आ गई।
एनपीपी के बाजोप पिनग्रोप द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अपनी हार के बाद स्वायत्त जिला परिषद में चाइन के नेतृत्व वाली कार्यकारी समिति ने अपना बहुमत खो दिया।
खासी हिल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (केएचडीएफ) के प्रमुख सयीम ने मंगलवार को मुख्य कार्यकारी सदस्य के रूप में शपथ ली। इस पद के लिए कोई अन्य दावेदार नहीं था। एनपीपी का एक नेता एक स्वायत्त जिला परिषद की कार्यकारी समिति का प्रमुख बन गया है। परिषद को संचालित करने के लिए एनपीपी-कांग्रेस गठबंधन को केएचडीएफ नाम दिया गया है।
वर्तमान परिषद का पांच साल का कार्यकाल अगले साल की शुरुआत तक है।
कांग्रेस ने परिषद में एनपीपी को समर्थन के अपने फैसले का बचाव किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.वी. लिंगदोह ने कहा कि राज्य के आदिवासी लोगों के हितों की रक्षा के लिए पार्टी (कांग्रेस) परिषद में एनपीपी का समर्थन कर रह है। यदि हम एनपीपी का समर्थन नहीं करते तो किसी भी दल को पर्याप्त बहुमत नहीं होने की स्थिति में परिषद की बागडोर संभवतः प्रशासक को सौंप दी जाती।
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