शिलांग, एक सितंबर मेघालय सरकार ने घोड़ों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कांटेदार लगाम के निर्माण, बिक्री और कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मेघालय के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ आर. सी. संगमा ने इस संबंध में राज्य के जिलों और उप-मंडलों में संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
डॉ आर सी संगमा ने कहा, ‘‘मेघालय में कांटेदार लगाम के निर्माण, बिक्री और कारोबार पर रोक लगाने के लिए सभी स्तरों पर पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है।’’
इसे घोड़े के मुंह में डाला जाता है और नियंत्रित करने वाले रस्सों के साथ जोड़ा जाता है। लगाम खींचे जाने पर नुकीली कीलें घोड़े के होठों और जीभ में चुभती हैं। इन घोड़ों का इस्तेमाल शादियों, मनोरंजन क्षेत्रों में सवारी और गाड़ियां खींचने के लिए किया जाता है।
डॉ संगमा के मुताबिक, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने पहले इस तरह के प्रतिबंध के पक्ष में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सलाह जारी की थी।
पशु अधिकार संगठन 'पेटा' ने पहले सरकार से कांटेदार लगाम पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था।
पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा कि कांटेदार लगाम के निर्माण, बिक्री और कारोबार पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश मेघालय में घोड़ों के प्रति क्रूरता को समाप्त करने में काफी मददगार साबित होगा।
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