मेरठ (उप्र), 26 मई उत्तर प्रदेश के मेरठ में महापौर और 90 पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मारपीट की घटना सामने आई है। मारपीट ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) और भाजपा के पार्षदों के बीच हुई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं का आरोप है कि एआईएमआईएम के पार्षद ‘वंदे मातरम’ गीत के दौरान खड़े नहीं हुए। वहीं एआईएमआईएम पार्षदों का कहना है कि समारोह में राष्ट्रगान की जगह ‘वंदे मातरम’ गाया गया,जिसका विरोध करने पर उनके साथ भाजपा के कुछ नेताओं और पार्षदों ने मारपीट की।
घटना के संबंध में थाना मेडिकल प्रभारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अभी उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
बता दें कि चुनाव में जीत के बाद मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी शपथ ग्रहण करने के लिए विश्विद्यालय के नेताजी सुभाषचंद बोस प्रेक्षागृह पहुंचे थे। इस दौरान शपथ दिलाने के लिए मेरठ कमिश्नर जे सेल्वा कुमारी मंच पर मौजूद थीं। जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
वहीं महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि इसी बीच कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया गया, जिस पर वहां मौजूद तमाम नेता और कार्यकर्ता राष्ट्रगीत के सम्मान में अपनी सीट से खड़े हो गए, लेकिन आईएमआईएम के पार्षद और कार्यकर्ता अपनी सीट से खड़े नहीं हुए और वे कुर्सी पर ही बैठे रहे। इस बात पर भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं को गुस्सा आ गया।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हंगामा हो गया और एआईएमआईएम के पार्षद और भाजपा पार्षद आपस में भिड़ गए।
सूत्रों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात पुलिस ने हस्तक्षेप किया और किसी तरह एआईएमआईएम और भाजपा सदस्यों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
हंगामे के बीच मेरठ के मंडलायुक्त ने महापौर को शपथ दिलाई। उसके बाद महापौर अहलूवालिया ने 15-15 पार्षदों के समूह में शपथ दिलाई। इस दौरान ‘वंदे मातरम’ और भारत माता की जय के नारे गूंजते रहे।
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए एआईएमआईएम के पार्षदों ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर भाजपा पार्षदों पर मारपीट करने का आरोप लगाया।
घटना पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ‘पीटीआई-’ से बातचीत में कहा कि इन लोगों को 'वंदे मातरम' से आपत्ति क्यों है। वाजपेयी ने कहा, "जब वे भारत के संविधान की शपथ लेते हैं तो भारत के संविधान में उल्लिखित 'वंदे मातरम' गाने पर यह आपत्ति क्यों। इसे गाने की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन कम से कम खड़े होकर शांत हो जाएं।" उन्होंने कहा कि वो ना खड़े हों इस पर भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बदतमीजी स्वीकार नहीं है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY