इन नए नागरिकों में से लगभग एक तिहाई मूल रूप से सीरिया से हैं। इनमें से ज़्यादातर ने पिछले दशक में युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक कठिनाई से बचने के लिए अपना घर छोड़ दिया था।
अकेले 2015-2016 में 10 लाख से अधिक प्रवासी जर्मनी आए जिनमें से अधिकतर सीरिया से आए। इनमें अफगानिस्तान और इराक से पहुंचे प्रवासियों की संख्या भी काफी अधिक है।
देश के संघीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2021 में हुए पिछले राष्ट्रीय चुनाव के बाद से जर्मनी में नागरिकता प्राप्त करने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। 2021 और 2023 के बीच पांच लाख से अधिक लोगों को नागरिकता दी गई।
यद्यपि 2024 के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि पिछले वर्ष जर्मनी में ढाई लाख से अधिक लोगों को नागरिकता दी गई।
रविवार को जर्मनी में पहली बार मतदान करने वाले अनेक नए नागरिकों ने अपने मताधिकार के बारे में उत्साह, बदलाव की आशा तथा सशक्तीकरण की भावना व्यक्त की है।
कुछ लोग अति-दक्षिणपंथी, आप्रवासी-विरोधी, अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पार्टी के उदय से चिंतित हैं।
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