लखनऊ, 15 जून लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश के गांवों में बैंकिंग और बीमा जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के बाद साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) की योजना अन्य सरकारी सेवाओं को उपलब्ध करा रहे हैं। इसमें पेंशन, आधार, पासपोर्ट सेवा, पीएम किसान, स्त्री धन योजना और बीएसएनएल के इंटरनेट कनेक्शन इत्यादि शामिल है।
भारत सरकार ने ‘सीएससी ई-गर्वनेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड’ के नाम से एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) बनायी है। इसे ग्राम स्तरीय उद्यमिता (वीएलई) समेत पूरी योजना के सभी हितधारकों पर नजर रखने और समर्थन प्रदान करने का काम दिया गया है।
सीएससी सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है। यह इंटरनेट से जुड़े ऐसे सेवाकेंद्र हैं जो ऑनलाइन माध्यम से कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
सीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार त्यागी ने सोमवार को कहा कि लॉकडाउन जैसे मुश्किल समय में भी सीएससी ने समुदाय की मदद और लोगों तक विविध सेवाएं पहुंचायी।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में अभी तक करीब 12,000 सीएससी वीएलई ने उत्तर प्रदेश में टेली-स्वास्थ्य परामर्श सेवाएं उपलब्ध करायी हैं। राज्य में करीब 80,000 सीएससी केंद्र हैं। हालांकि इसमें से करीब 57,000 लॉकडाउन के दौरान काम कर रहे थे।
त्यागी ने कहा कि सरकारी और वाणिज्यिक सेवाओं की आपूर्ति करने के साथ ही सीएससी कई कल्याणकारी कार्यक्रमों में भी लगे हैं। वीएलई महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य पर काम कर रहे हैं।
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