देश की खबरें | मणिपुर : शत्रुता को बढ़ावा देने के मामले में आईटीएलएफ प्रवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी

इंफाल, 30 जुलाई मणिपुर पुलिस ने विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सार्वजनिक शरारत करने के आरोप में ‘इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) के प्रवक्ता गिन्जा वुएलजोंग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, प्रवक्ता ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है।

मणिपुर पुलिस ने एक व्यापारी से मिली शिकायत के आधार पर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की है। मणिपुर पुलिस ने इंफाल उपसंभाग में धर्म, नस्ल आदि के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने, मानहानि, अफवाह फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्यता पैदा करने से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की जांच के लिए प्राथमिकी को बाद में तामेंगलोंग जिले के खोंगसांग थाने में भेजा जाएगा।

शिकायत व्यापारियों द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिन्हें डर था कि वुएलजोंग के उस बयान के बाद खोंगसांग रेलवे स्टेशन पर उनका सामान लूट लिया जाएगा, जिसमें उन्होंने कहा था कि बहुसंख्यक समुदाय ट्रेन के माध्यम से घाटी में हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी कर रहा है।

खोंगसांग राज्य का आखिरी स्टेशन है, जो रेलवे संपर्क से जुड़ा है।

आरोपों को निराधार बताते हुए वुएलजोंग ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करना राज्य सरकार द्वारा "आदिवासियों की आवाज़ को दबाने" का एक और तरीका है।

उन्होंने कहा, "इससे पहले, मणिपुर पुलिस के निर्देश के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ने हमारे आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर रोक लगा दी थी और अब यह जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।"

आईटीएलएफ के प्रवक्ता ने मामला दर्ज किए जाने को 'मामूली' बताया और कहा कि पूरा मामला नारेबाजी का है। उन्होंने कहा, "मुझे आश्चर्य है कि जब बहुसंख्यक समुदाय की रैलियों में पूरे आदिवासी समुदाय को खत्म करने जैसे नारे लगाए जाते हैं तो राज्य के अधिकारी क्यों अनसुना कर देते हैं।"

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