इम्फाल, 28 अप्रैल मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को चुराचांदपुर जिले का दौरा करने की योजना को टाल दिया। स्थानीय विधायक ने मुख्यमंत्री को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन संरक्षित वन क्षेत्रों से कुकी ग्रामीणों को हटाये जाने को लेकर न्यू लमका क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और आगजनी के बाद जिले में तनाव के मद्देनजर इस कार्यक्रम को स्थगित किये जाने का फैसला किया गया है।
न्यू लमका में भीड़ ने एक कार्यक्रम के आयोजन स्थल पर बृहस्पतिवार रात तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सिंह को शामिल होना था।
पुलिस ने बताया कि भीड़ ने न्यू लमका में ‘पीटी स्पोर्ट्स’ परिसर में नये ओपन जिम में भी आंशिक रूप से आग लगा दी, जिसका मुख्यमंत्री शुक्रवार दोपहर उद्घाटन करने वाले थे।
मुख्यमंत्री ने यहां कृषि विभाग के एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्थानीय विधायक ने मुझे एक कार्यक्रम और ओपन जिम के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था।’’
सिंह ने कहा, ‘‘चुराचांदपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एल. एम. खौटे ने मुझसे अभी नहीं आने का अनुरोध किया है और कहा है कि ओपन जिम की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।’’
सिंह ने ‘इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) संगठन पर भी सवाल उठाया, जिसने आठ घंटे के बंद का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मूल निवासी लोग कौन हैं। हम मूल निवासी लोग हैं। नगा मूल निवासी लोग हैं। कुकी मूल निवासी लोग हैं।’’
इस बीच, चुराचांदपुर जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
चुराचांदपुर के जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से मिली रिपोर्ट के आधार पर आदिवासी बहुल जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका है और लोगों के जीवन तथा सार्वजनिक संपत्ति को गंभीर खतरा है।
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, ‘‘सोशल मीडिया अफवाह फैलाने वालों के लिए एक हथियार बन गया है और इसका इस्तेमाल आम जनता को भड़काने में किया जा रहा है जिसका चुराचांदपुर तथा फेरजॉल जिलों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।’’
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘शांति एवं व्यवस्था को बाधित करने से रोकने के लिए चुराचांदपुर और फेरजॉल जिलों में तत्काल प्रभाव से अगले पांच दिन तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेगी।’’
आईटीएलएफ द्वारा संरक्षित वन क्षेत्रों से कुकी ग्रामीणों को हटाये जाने के विरोध में चुराचांदपुर जिले में शुक्रवार को आहूत आठ घंटे के बंद के कारण आदिवासी बहुल इस जिले में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
जिला मुख्यालय में न्यू लमका शहर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को पहले एक कार्यक्रम में शामिल होना था। अब शहर में सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि सुरक्षाकर्मियों के वाहनों को छोड़कर सभी निजी और सार्वजनिक वाहन सड़क से नदारद रहे।
पुलिस ने बताया कि बंद के चलते सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों को सुबह सड़क जाम करते और टायर जलाते देखा गया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने न्यू लमका शहर के प्रवेश द्वार पर भी मलबा डाल दिया था, लेकिन बाद में पुलिस दलों ने इसे हटा दिया।
पुलिस ने बताया कि अभी तक आदिवासी बहुल जिले में कहीं से भी हिंसा की कोई सूचना नहीं मिली है।
एक अधिकारी ने कहा कि हिंसा की किसी भी घटना को टालने के लिए शहर के सभी प्रमुख चौराहों और इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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