कोलकाता, 28 मई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चक्रवाती तूफान रेमल से लोगों की जान बचाने के लिए अपनी सरकार द्वारा कदम उठाए जाने का दावा करते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तूफान पर निगरानी रखने में दिल्ली द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में सच नहीं बोलने का आरोप लगाया।
बारासात में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल सरकार को चक्रवात रेमल के बाद की स्थिति को संभालने के लिए हर संभव मदद प्रदान कर रहा है, जो रविवार की आधी रात के आसपास राज्य और बांग्लादेश के निकटवर्ती तटों से टकराया था।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र के बेहाला में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार माला रॉय के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने लगभग 46 लाख लोगों को (सुरक्षित स्थानों पर) पहुंचाया और उनकी जान बचाई।’’
बनर्जी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि तूफान की वजह से सात लोगों की मौत हो गई लेकिन अगर राज्य सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाए होते तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दावे में सच्चाई नहीं है कि केंद्र ने दिल्ली से तूफान पर नजर रखी।
उन्होंने कहा, ‘‘आपको (प्रधानमंत्री को) कुछ बोलने से पहले सोचना चाहिए।’’
बचाव और राहत अभियानों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रयासों को लेकर बनर्जी ने कहा कि राज्य को एनडीआरएफ के किए गए कार्यों के लिए भुगतान करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं एनडीआरएफ की मदद नहीं लूंगी। हम उसकी आधी लागत का भुगतान करते हैं।’’
बनर्जी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में मेट्रो रेल परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं जिनकी शुरुआत उन्होंने रेल मंत्री के रूप में की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (मोदी को) अब परियोजनाओं का उद्घाटन करने का मौका नहीं मिलेगा क्योंकि वह अब सत्ता में नहीं आ रहे।’’
बनर्जी ने मोदी पर लोगों के खानपान पर नियंत्रण की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी बाबू, आप जो चाहे खा सकते हैं लेकिन क्या बंगालियों को माछ भात से वंचित किया जा सकता है।’’
वैभव माधव
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