विदेश की खबरें | मालदीव राष्ट्रपति चुनाव:किसी को 50 प्रतिशत वोट नहीं, दूसरे चरण का मतदान 30 सितंबर को होगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

विपक्षी उम्मीदवार मोहम्मद मुइज को चुनाव में 46 प्रतिशत से अधिक मत मिले हैं, वहीं निवर्तमान राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को 39 फीसदी वोट हासिल हुए हैं।

यह चुनाव एक तरह से इस बात का जनमत संग्रह भी है कि हिंद महासागर के इस द्वीपीय देश पर भारत या चीन में से किस क्षेत्रीय शक्ति का अधिक प्रभाव होगा। सोलिह को भारत समर्थक माना जाता है, जबकि मुईज को चीन समर्थक माना जाता है।

सोलिह दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव मैदान में हैं और मुइज के इन आरोपों से जूझ रहे हैं कि उन्होंने भारत को देश में अनियंत्रित मौजूदगी की अनुमति दी है।

मुइज ने वादा किया है कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं, तो मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को वापस भेजेंगे और देश के कारोबारी संबंधों को संतुलित करेंगे। उनका कहना है कि वर्तमान में कारोबारी संबंध भारत के पक्ष में हैं।

मुइज की पार्टी ‘पीपुल्स नेशनल कांग्रेस’ को चीन समर्थक माना जाता है। ‘पीपुल्स नेशनल कांग्रेस’ के नेता एवं पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने 2013 से 2018 तक के अपने कार्यकाल के दौरान मालदीव को चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना का हिस्सा बनाया था। इस परियोजना के तहत पूरे एशिया, अफ्रीका और यूरोप में व्यापार और चीन के प्रभाव का विस्तार करने के लिए बंदरगाहों, रेलवे लाइन तथा सड़कों के निर्माण की परिकल्पना की गई है।

मुइज की पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी मोहम्मद शरीफ ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि भारतीय सैनिकों को हटाना पार्टी की प्राथमिकता है।

शरीफ ने कहा कि भारतीय सैनिकों की संख्या और उनकी गतिविधियों के बारे में मालदीव के लोगों को जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सैन्यकर्मी देश के कुछ हिस्सों और हवाईअड्डों का विशेष रूप से इस्तेमाल करते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में 2,82,000 से अधिक लोग मतदान करने के लिए पात्र हैं। किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए 50 प्रतिशत से एक वोट अधिक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।

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