प्राविधिक शिक्षा को रोजगारपरक एवं परिणामोन्मुखी बनाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा में नवाचारों के समावेश एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. यहां जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक बैठक में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा विभागों की समीक्षा की.
लखनऊ, 2 मई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा में नवाचारों के समावेश एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. यहां जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक बैठक में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा विभागों की समीक्षा की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत आठ वर्षों में तकनीकी शिक्षा को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण, नवाचारपरक एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक ठोस पहलें की गई हैं, जिनके उत्साहवर्धक परिणाम परिलक्षित हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए सभी प्राविधिक संस्थान नैक, एनबीए तथा एनआईआरएफ मूल्यांकन में प्रतिभाग करें, परंतु आवेदन से पूर्व व्यापक तैयारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए.
मुख्यमंत्री ने राज्य संस्थागत रैंकिंग रूपरेखा के तहत राजकीय एवं अनुदानित पॉलिटेक्निक संस्थानों की रैंकिंग की सराहना करते हुए इसके अंतर्गत निजी संस्थानों को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए, ताकि समस्त संस्थानों में गुणवत्ता की समान मानक सुनिश्चित हो सकें. योगी ने विश्वविद्यालयों एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में व्यवहारिक अध्ययन को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए तथा गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशालाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया. उन्होंने शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक श्रेणी के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने नवस्थापित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बस्ती, गोंडा, मीरजापुर एवं प्रतापगढ़ के भवन निर्माण तथा परिसर विकास से जुड़ी सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि अगले शैक्षणिक सत्र से यह कॉलेज अपने निजी परिसरों से संचालित हो सकें. यह भी पढ़ें : प्राविधिक शिक्षा को रोजगारपरक एवं परिणामोन्मुखी बनाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करते समय स्थानीय औद्योगिक आवश्यकताओं एवं संभावनाओं को प्राथमिकता दी जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को उद्योगों से और अधिक गहराई से जोड़ा जाए तथा प्रत्येक छात्र को प्रशिक्षण के साथ एक निश्चित अवधि की औद्योगिक इंटर्नशिप सुनिश्चित कराई जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति को तकनीकी रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है. शिक्षा केवल प्रमाण-पत्र प्राप्ति का माध्यम न होकर एक व्यवहारिक, कौशलपूर्ण एवं उपयोगी प्रणाली होनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2025 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

