विदेश की खबरें | नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने शांति प्रक्रिया के लिए खोज समिति के पूर्ण गठन पर सहमति जताई

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, 17 अक्टूबर नेपाल के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों सत्तारूढ़ सीपीएन (यूएमएल), नेपाली कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने बृहस्पतिवार को खोज समिति के पूर्ण गठन पर सहमति व्यक्त की। यह समिति शांति प्रक्रिया के कार्यों की देखरेख करेगी।

प्रधानमंत्री एवं सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष के. पी. शर्मा ओली के आधिकारिक निवास पर आयोजित एक बैठक के दौरान यह समझौता हुआ। ओली के अलावा बैठक में नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, सीपीएन-माओवादी सेंटर के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ और गृह मंत्री रमेश लेखक शामिल हुए।

वर्ष 2006 में व्यापक शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद शुरू की गई शांति प्रक्रिया में युद्धकालीन अत्याचारों के लिए न्याय प्रदान करने हेतु सत्य एवं सुलह आयोग (टीआरसी) जैसे तंत्रों की स्थापना शामिल है।

नेपाल में 1996 से 2006 तक चला एक दशक लंबा गृहयुद्ध तत्कालीन माओवादी कैडर और नेपाल सरकार के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के साथ समाप्त हो गया।

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, इस संघर्ष के परिणामस्वरूप 17,800 से अधिक मौतें हुईं और कम से कम 1,300 लोग लापता हो गए। इसके कारण नेपाल में लगभग 150,000 से 200,000 लोग विस्थापित हुए।

बैठक के बाद माओवादी सेंटर के वरिष्ठ नेता शक्ति बहादुर बसनेत ने मीडिया को बताया कि चर्चा शांति प्रक्रिया को पूरा करने पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि तीनों प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं ने टीआरसी के गठन की पहल के लिए खोज समिति को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है।

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