जरुरी जानकारी | महिंद्रा के रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन किया: अमेरिकी नियामक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के एक व्यापार नियामक ने भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) को फिएट क्रिसलर आटोमोबाइल्ज के जीप ब्रांड के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने का दोषी बताने वाले एक पुराने फैसले को सही ठहराया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इसकी जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 13 जून अमेरिका के एक व्यापार नियामक ने भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) को फिएट क्रिसलर आटोमोबाइल्ज के जीप ब्रांड के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने का दोषी बताने वाले एक पुराने फैसले को सही ठहराया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इसकी जानकारी दी।
कंपनी ने शुक्रवार की रात शेयर बाजारों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (आईटीसी) ने प्रशासकीय कानून के न्यायाधीश के फैसले को सही ठहराया है। प्रशासकीय कानून के न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा था कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑफ-रोड यूटिलिटी वाहन रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल कर बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन किया है।
ट्रेड ड्रेस का तात्पर्य इस बात से होता है कि कोई उत्पाद कैसा दिखता है। यह उत्पाद के दिखने की नकल पर रोक लगाता है।
हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा इस बात पर अडिग है कि रॉक्सर ने जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल नहीं की है।
उसने कहा, ‘‘कंपनी और अमेरिकी अनुषंगी महिंद्रा ऑटोमोटिव नॉर्थ अमेरिका (एमएएनए) इस बात पर कायम है कि रॉक्सर ने जीप के ट्रेड ड्रेस की नकल नहीं की है।’’
कंपनी ने कहा कि एमएएनए आईटीसी के निर्णय के खिलाफ अपील करने और समीक्षा की याचिका दायर करने के विकल्पों पर गौर कर रही है।
यूएस आईटीसी के एक न्यायाधीश ने नवंबर 2019 में पाया था कि रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर के जीप के ट्रेड ड्रेस का उल्लंघन किया है। उसने रॉक्सर के पहले से आयात किये गये किसी भी कल पुर्जे के आयात और बिक्री पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।
फिएट क्रिसलर ने मिशिगन के पूर्वी जिला न्यायालय के समक्ष मामला दायर किया था। उसने रॉक्सर के विनिर्माण या बिक्री पर स्थायी रोक लगाने तथा रॉक्सर की बिक्री से महिंद्रा एंड महिंद्रा को हुए लाभ में हिस्सा देने की मांग की थी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा कि जिस वाहन (रॉक्सर) को लेकर मुकदमा चल रहा है, उसका विनिर्माण 2018 और 2019 में हो रहा था। अब इस वाहन का विनिर्माण नहीं हो रहा है। रॉक्सर का डिजायन 2020 मॉडल वर्ष के लिये बदला गया था और सामान्य डिजायन चक्र के हिसाब से अन्य डिजायन परिवर्तन को लेकर भी काम चल रहा है।
उसने कहा कि अमेरिकी अनुषंगी एमएएनए रॉक्सर ब्रांड, उसके कर्मचारियों और उसके डीलरों को लेकर प्रतिबद्ध है।
रॉक्सर वाहन को दो मार्च 2018 को बाजार में उतारा गया था। इस वाहन की बिक्री अमेरिका और कनाडा में की जाती है।
एमएएनए मिशिगन के ऑबर्न हिल्स में स्थित संयंत्र में रॉक्सर का विनिर्माण करती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अमेरिका के परिचालन को तैयार करने में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है और अभी डिट्रॉयट में कई संयंत्रों का परिचालन कर रही है।
कंपनी के अमेरिका में 400 से अधिक कर्मचारी हैं। कंपनी के पास अमेरिका में 400 से अधिक डीलर व आपूर्तिकर्ता हैं।
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