मुंबई, 17 जुलाई महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को नकली उत्पादों के जरिए ठगे जाने से बचाने के लिए खाद्यान्न बीज और उर्वरक की आपूर्ति को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाने का फैसला किया है।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य ने मानसून में देरी को देखते हुए और दूसरी बार बुवाई और फसल खराब होने की संभावनाओं पर विचार करते हुए एक आकस्मिक योजना बनाई है।
फडणवीस का यह जवाब कांग्रेस विधायक बालासाहेब थोराट द्वारा विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से किसानों के मुद्दों पर चर्चा कराने के अनुरोध के बाद आया है।
बालासाहेब थोराट ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। बुवाई बहुत कम हुई है और मानसून का आधा सीजन पहले ही बीत चुका है। ऐसा लगता है कि सरकार मंत्रिमंडल विस्तार में व्यस्त है, लेकिन किसानों के मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं है।’’
विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया लेकिन फडणवीस ने थोराट की टिप्पणियों का जवाब देने का फैसला किया।
फडणवीस ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने रविवार को बीज और उर्वरक की आपूर्ति को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाने का फैसला किया। इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार होने पर व्यक्ति को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। ’’
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने मानसून में देरी के कारण एक आकस्मिक योजना तैयार की है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य दूसरी बार बुवाई, फसल खराब होने और नकली बीज आपूर्ति जैसी स्थितियों के लिए तैयार है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह योजना लागू है। ’’
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार पहले ही किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत 10,000 करोड़ रुपये वितरित कर चुकी है और किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने के आरोप निराधार हैं।
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