अमरावती, 14 फरवरी महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकटे ने शुक्रवार को कहा कि भिखारी भी एक रुपया स्वीकार नहीं करते लेकिन सरकार उतनी राशि पर फसल बीमा दे रही है और कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने मंत्री के इस बयान के लिए उनकी आलोचना की।
कोकटे यहां एक कृषि प्रदर्शनी में मीडिया से बात करते हुए एक रुपये की फसल बीमा योजना को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार एक रुपये वाली योजना को बंद करके 100 रुपये वाली फसल बीमा योजना शुरू करने की योजना बना रही है, तो कोकटे ने कहा कि इसे बंद करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन "अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार को कुछ निर्णय लेने होंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या यह योजना किसानों की तुलना में बीमा कंपनियों के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है, कोकटे ने कहा, "भिखारी भी एक रुपया भीख नहीं लेता, लेकिन यहां हम एक रुपये में फसल बीमा दे रहे हैं। फिर भी कुछ लोग हैं जो इसका दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं। इसमें अनियमितताएं भी हैं जैसे दूसरे राज्यों के लोग आवेदन करते हैं।"
उन्होंने कहा कि जांच के बाद लगभग चार लाख आवेदन रद्द कर दिए गए।
कोकटे ने कहा, "पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिलना चाहिए। इस संबंध में सरकार के अच्छे और बुरे अनुभव रहे हैं। सुधार के बारे में कोई भी निर्णय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। हालांकि, फसल बीमा योजना बंद नहीं होगी।"
इस बीच, किसान सभा ने एक बयान में "किसानों का अपमान" करने के लिए कोकटे की निंदा की, जबकि प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा कि मंत्री को "किसानों को भिखारी कहने" के लिए इस्तीफा दे देना चाहिए।
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