भोपाल, 11 फरवरी मध्यप्रदेश के नीमच जिले में प्रशासन ने 500 रुपये के स्टांप पेपर पर एक ‘‘समझौते’’ पर हस्ताक्षर करके अपने अधिकारों और कर्तव्यों को गांव के ही एक व्यक्ति को सौंपने वाली महिला सरपंच को पद से हटा दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमन वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि शिकायत मिली थी कि मनासा जनपद पंचायत के अंतर्गत दाता पंचायत की सरपंच कैलाशी बाई कछावा ने 500 रुपये के स्टांप पेपर के जरिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करके सुरेश गरासिया नामक व्यक्ति के पक्ष में कार्यकारी ग्राम प्रधान के रूप में अपने अधिकार और कर्तव्य सौंप दिए थे।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद जांच के आदेश दिए गए और पिछले सप्ताह सरपंच को पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
वैष्णव ने बताया कि हालांकि सरपंच ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन जांच में पाया गया कि उसने समझौते में इस्तेमाल किए गए स्टांप पेपर को ऑनलाइन खरीदा था और उसने वास्तव में इस तरह के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते में उल्लेखित गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।
उन्होंने बताया कि सोमवार को कछावा को दाता गांव की पंचायत के सरपंच पद से हटा दिया गया।
कछावा समझौता पत्र के अनुसार, सरपंच ने अपने अधिकार और कर्तव्य दाता गांव के निवासी गरासिया को सौंपने की सहमति दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे समझौता पत्र में कहा गया है कि गरासिया, कछावा के कार्यकाल के अंत तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और वाटरशेड मिशन के कार्यों को संभालने के अलावा सरपंच के सभी कर्तव्यों का पालन करेंगे।
इसमें कहा गया है कि वह गरासिया के निर्देशों में हस्तक्षेप नहीं करेंगी और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी।
दो गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज में यह भी कहा गया कि समझौते का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को जुर्माने के तौर पर एक निश्चित राशि (अनुबंध में राशि उल्लिखित नहीं है) का भुगतान करना होगा।
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