देश की खबरें | मध्यप्रदेश ने कम समय में रेहड़ी-ठेले वालों के लिए बेहतरीन कार्य किया, अन्य राज्य लें प्रेरणा : मोदी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल, नौ सितंबर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मात्र दो महीने में ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ के तहत 4.5 लाख से अधिक रहेड़ी-ठेले वालों को परिचय एवं प्रमाण पत्र देने और इनमें से एक लाख से अधिक को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की तारीफ करते हुए प्रधामनंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को कहा कि देश के अन्य राज्यों को भी मध्य प्रदेश के इस प्रयास से प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस योजना में सड़क पर सामान बेचने वालों को छोटे-छोटे काम-धंधे के लिए, बिना सुरक्षा लिए, बैंकों से 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी तथा ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के मध्यप्रदेश के हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीधे संवाद करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कुछ साथियों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। उनकी बातों में एक विश्वास भी है और एक उम्मीद भी नजर आती है। मैं मानता हूं कि यह भरोसा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की सबसे बड़ी सफलता है।’’

इस योजना के साथ आगे बढ़ने के लिए मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उनके प्रयासों से सिर्फ दो महीने के समय में मध्य प्रदेश में एक लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) को स्वनिधि योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ।’’

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मोदी ने कहा कि मैं समझता हूं कि कोराना वायरस के बावजूद इतने कम समय में 4.5 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को मध्य प्रदेश में पहचान पत्र एवं प्रमाण पत्र देना बहुत बड़ा काम है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि अन्य राज्य भी मध्य प्रदेश के इस प्रयास से प्रेरणा लेकर जरूर प्रोत्साहित होंगे और हिन्दुस्तान के हर शहर में जितने भी हमारे रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहन हैं, उनको बैंक से पैसा मिले, इसके लिये सक्रिय प्रयास करेंगे।’’

मोदी ने कहा कि दुनिया में जब भी कोई ऐसा बड़ा संकट या महामारी आती है तो उसका सबसे पहला और सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे गरीब भाई बहनों पर ही पड़ता है। अधिक बारिश, ठंड या गर्मी हो जाये तो भी तकलीफ गरीब को ही होती है। इसके अलावा, गरीब को रोजगार एवं खाने-पीने का संकट होता है। उसकी जो जमा पूंजी होती है वो खत्म हो जाती है। महामारी ये सब विपदाएं अपने साथ लेकर आती हैं।

उन्होंने कहा कि जो रेहड़ी-पटरी वाले साथी हैं, इन सबने महामारी के संकट को बहुत ज्यादा महसूस किया। अनेकों ऐसे साथी हैं जो किसी दूसरे शहर में काम करते थे, लेकिन महामारी के दौरान उन्हें अपने गांव लौटना पड़ा। इसलिए कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान पहले दिन से सरकार एवं देश का ये प्रयास रहा है कि गरीब की जितनी दिक्कतें हम कम सकें, उसको कम करने के लिये सक्रिय रूप से प्रयास करें।

मोदी ने कहा कि देश ने इस दौरान उनके खाने-पीने एवं राशन की चिंता की, मुफ्त गैस सिलेंडर भी दिए गये और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान चलाकर लाखों लोगों को रोजगार भी दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘गरीबों के लिए निरंतर हो रहे इन कार्यों के बीच एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा था जिस पर खास ध्यान देने की जरुरत थी। ये थे मेरे रेहड़ी, पटरी एवं ठेले वाले भाई-बहन। रेहड़ी, पटरी एवं ठेले वालों के लाखों परिवार को उनकी रोज की मेहनत से परिवार चलता है।’’

मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण बाजार बदं हो गये, खुद की जान बचाने के लिए लोग घरों में ज्यादा रहने लगे, तो इसका बहुत बड़ा असर हमारे रेहड़ी-पटरी वालों के कारोबार पर पड़ा है।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘उनको मुश्किलों से निकालने के लिये ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत हुई है। इस योजना का मकसद है कि वे लोग नई शुरूआत कर सकें। अपना काम फिर शुरू कर सकें। इसके लिये उन्हें आसानी से पूंजी मिले। उनको बाहर से (साहूकारों से) बहुत ब्याज देकर के रुपये लाने के लिये मजबूर न होना पड़े।’’

मोदी ने कहा कि यह भी पहली बार हुआ है कि रेहड़ी-पटरी वाले लाखों लोगों को नेटवर्क के जरिये सही मायने में व्यवस्था से जोड़ा गया है। उनको एक पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि इस योजना को इसलिये सरल बनाया गया है कि सामान्य से सामान्य आदमी भी इसका फायदा उठा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना में तकनीक के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की गई है कि रेहड़ी पटरी वाले साथियों को कागज जमा कराने के लिए लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। आप कॉमन सर्विस सेंटर, नगर पालिका कार्यालय या बैंक में जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। ’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ‘स्वनिधि योजना’ से जुड़ने वाले रेहड़ी पटरी वाले लोग का जीवन आसान बन सके और उन्हें मूलभूत सुविधायें मिल सकें।

मोदी ने कहा कि इस योजना में कुल सात प्रतिशत के ब्याज अनुदान के साथ समय पर ऋण चुकाने की स्थिति में हितग्राही को दोगुना-तिगुना भी ऋण अगली बार देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, डिजिटल लेनदेन पर हितग्राही को 1200 रुपये का नगद पुरस्कार देने का भी प्रावधान किया गया है।

जनधन सहित अपनी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश का गरीब अब जनधन योजना के तहत बैंक से जुड़ा है। उसने एक नई शुरुआत की है। अब जल्द शहरों की तरह गांव भी ऑनलाइन बाजार से जुड़ेगें।

मोदी ने कहा कि हमने 15 अगस्त को संकल्प लिया है कि सभी गांवों को अगले 1000 दिनों में ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जायेगा। इससे तेज इंटरनेट पहुंचेगा और डिजिटल क्रांति के फायदे गांव तक पहुंचेंगे।

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