विदेश की खबरें | मैक्रों ने मोदी को प्राउस्ट के उपन्यास और शारलेमैन चैसमैन की प्रतिकृति उपहार में दी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पेरिस, 14 जुलाई फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 1916 में खींची गयी एक तस्वीर की फ्रेम की हुई प्रतिकृति उपहार में दी जिसमें एक पेरिसवासी एक सिख अधिकारी को पुष्प भेंट करता दिखाई दे रहा है।

अधिकारियों ने यहां बताया कि मोदी को 11वीं सदी की ‘शारलेमैन चैसमेन’ की प्रतिकृति और 1913 से 1927 के बीच प्रकाशित मार्सल प्राउस्ट के उपन्यास ‘आ ला रिसर्च ड्यू टेंम्प्स पर्दू’ के अंक भी भेंट किये गये हैं। इस उपन्यास को 20वीं सदी की शुरुआत की फ्रांसीसी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट कृतियों में गिना जाता है।

वर्ष 1916 की तस्वीर 14 जुलाई को सैन्य परेड के दौरान चैम्प्स-एलिसी में म्यूरिसे समाचार एजेंसी के एक फोटो पत्रकार ने खींची थी। यह मूल तस्वीर नेशनल लाइब्रेरी ऑफ फ्रांस में रखी है।

प्रथम विश्व युद्ध के समय की इस तस्वीर में एक स्थानीय राहगीर फ्रांस में तैनात ‘इंडियन एक्सपिडिशनरी फोर्स’ (आईईएफ) के एक सिख ‘वायसराय कमीशन्ड अधिकारी’ (वीसीओ) को पुष्प भेंट करता दिखाई दे रहा है।

प्रथम विश्व युद्ध में करीब 13 लाख भारतीयों ने ब्रिटेन की ओर से भाग लिया था। इस युद्ध में 70,000 से अधिक लोगों की जान चली गयी थी जिनमें करीब 9,000 लोग फ्रांस और बेल्जियम से थे।

‘शारलेमैन’ चैसमेन को यह नाम फ्रेंक के राजा शारलेमैन से मिला जिन्हें अब्बासीद खलीफा हारून अल-राशिद ने हाथीदांत से बना यह शतरंज उपहार में दिया था।

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