मुंबई, सात अगस्त कोविड-19 महामारी की वजह से दबाव झेल रही कंपनियों को कॉरपोरेट ऋण के एकमुश्त पुनर्गठन से राहत मिलेगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे कंपनियों का नकदी या तरलता दबाव कम हो सकेगा।
रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को बैंकों को कॉरपोरेट और व्यक्तिगत ऋण के एकबारगी पुनर्गठन की अनुमति दी।
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रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों को एकबारगी ऋण पुनर्गठन की अनुमति दिए जाने से कोविड-19 की वजह से प्रभावित कंपनियों का नकदी दबाव कम हो सकेगा।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक मंदी के बीच मांग कमजोर बनी हुई है। ऐसे में कई कंपनियां इस अवसर का लाभ उठाकर अपने ऋण पुनर्गठन करेंगी और नकदी की बचत करेंगी।
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ऋण पुनर्गठन की सुविधा उन कंपनियों को मिलेगी जो इस महामारी की वजह से दबाव में हैं और उनका ऋण खाता मानक बना हुआ है और एक मार्च, 2020 तक उनका किसी ऋण देने वाले संस्थान से भुगतान चूक या डिफॉल्ट 30 दिन से अधिक नहीं था।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वह अपनी क्रेडिट रेटिंग में ऋण पुनर्गठन के प्रभाव को भी आधार बनाएगी। उसकी रेटिंग कार्रवाई ऋण पुनर्गठन के समय और शर्तों पर निर्भर करेगी।
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