नयी दिल्ली, 14 फरवरी दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंगलवार को अधिकारियों को महरौली पुरातत्व पार्क क्षेत्र में ‘‘अतिक्रमण-रोधी अभियान’’ रोकने का निर्देश दिया।
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को विभिन्न संपत्तियों पर 16 फरवरी तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिन्हें ‘अतिक्रमण रोधी’ अभियान के हिस्से के रूप में ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किया गया है। पांच दिन पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा अभियान शुरू करने के साथ स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किए और राष्ट्रीय राजधानी में सियासी घमासान शुरू हो गया।
अतिक्रमण-रोधी अभियान दक्षिण दिल्ली में प्रस्तावित जी-20 बैठक से एक महीने पहले शुक्रवार को शुरू हुआ था। डीडीए के अनुसार, इस क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राज्य पुरातत्व विभाग और दिल्ली विकास प्राधिकरण के संरक्षण में लगभग 55 स्मारक हैं।
दिल्ली सरकार ने महरौली अतिक्रमण-रोधी अभियान से संबंधित कथित ‘‘निष्क्रियता’’ के लिए जिलाधिकारी (दक्षिण) को फटकार लगाई और उन्हें क्षेत्र में फिर से सीमांकन करने का निर्देश दिया। राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने पिछले सप्ताह दक्षिणी दिल्ली के जिलाधिकारी को ‘विवादित’ क्षेत्र का नए सिरे से सीमांकन करने का निर्देश दिया था, क्योंकि प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया था कि सीमांकन की प्रक्रिया उन्हें सही से अवगत कराए बिना की गयी थी।
कैलाश गहलोत द्वारा मंगलवार को जारी एक आदेश में आरोप लगाया गया कि जिलाधिकारी (दक्षिण) ने न तो नए सिरे से सीमांकन के निर्देश का पालन किया और न ही डीडीए को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकने के लिए कहा। इस आदेश की प्रति डीडीए के उपाध्यक्ष सुभाशीष पांडा को यह कहते हुए भेजी गई है कि बिना सीमांकन के अतिक्रमण-रोधी अभियान नहीं चलाया जा सकता है।
अभियान लगातार पांचवें दिन जारी रहने के साथ ही कई स्थानीय निवासियों ने अपना सामान एकत्र किया। राज निवास के अधिकारियों के अनुसार, सक्सेना ने डीडीए को अगले निर्देश तक अभियान को रोकने का निर्देश दिया।
सक्सेना के आदेश के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया, ‘‘आज जो हुआ वह आप और दिल्ली के लोगों की जीत है। भाजपा को हाल में एहसास हुआ कि उनके उपराज्यपाल साहब उन्हें हर गुजरते दिन अलोकप्रिय बना रहे हैं।"
दिल्ली के उपराज्यपाल डीडीए के अध्यक्ष भी हैं। अधिकारियों ने कहा कि निवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से मुलाकात की और 2021 में आप-नीत सरकार द्वारा किए गए भूमि सीमांकन में "विसंगतियों" का हवाला देते हुए अतिक्रमण-रोधी अभियान से राहत मांगी।
हालांकि उपराज्यपाल ने दोहराया कि वैध ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन ‘‘उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में धरोहर स्मारकों के आसपास किसी भी अवैध अतिक्रमण या अनधिकृत कब्जे को तुरंत हटा दिया जाएगा।’’
दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि भाजपा उन लोगों के पुनर्वास के लिए काम करेगी, जिनके घर तोड़े गए हैं।
भाजपा की दिल्ली इकाई के एक बयान में कहा गया है कि महरौली के भाजपा नेताओं और प्रभावित निवासियों ने उपराज्यपाल को बताया कि ज्यादातर लोग वहां तीन से चार दशकों से बसे हुए हैं और उनके पास पंजीकृत घर हैं और उन्हें खरीदने के लिए बैंक ऋण भी मिला है।
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