देश की खबरें | कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच उपराज्यपाल ने जीनोम अनुक्रमण सुनिश्चित करने को कहा

नयी दिल्ली, 13 जून दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने सोमवार को अधिकारियों को दिल्ली में कोविड-19 नमूनों की जीनोम अनुक्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच वायरस के किसी भी नए स्वरूप के प्रसार का ‘‘तत्परता से’’ पता लगाया जा सके।

दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी हिस्सा लिया। डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार के लिए अनुकूल मौसम नहीं होने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में इसके प्रकोप को लेकर भी चर्चा की गई।

सक्सेना ने गर्मियों में डेंगू की घटना को चिंताजनक बताया और अधिकारियों से विशेषज्ञों और महामारी विज्ञानियों से परामर्श करने को कहा ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायरस का कोई नया स्वरूप तो विकसित नहीं हुआ है।

कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक लड़ने के लिए जांच के साथ संक्रमण की पहचान करने, उपचार और टीकाकरण की रणनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मामलों की जीनोम अनुक्रमण सुनिश्चित करें ताकि पता लगाया जा सके कि कोई नया स्वरूप सामने आया है या नहीं।

उन्होंने दिल्ली में उच्च टीकाकरण प्रतिशत की सराहना की, लेकिन एहतियाती खुराक में अपेक्षाकृत कम आंकड़ों की ओर भी इशारा किया और अधिकारियों को एक सार्वजनिक संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें बढ़ाने की सलाह दी।

सक्सेना ने अधिकारियों को सतर्क रहने और ​​अस्पताल की तैयारियों के मामले में कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने दिल्ली में लोगों से स्वेच्छा से कोविड-उपयुक्त दिशा निर्देश का पालन करने की अपील की।

शहर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के 735 नए मामले आए और बीमारी के कारण तीन मरीजों की मौत हुई, जबकि संक्रमण दर बढ़कर 4.35 प्रतिशत हो गई। यह लगातार तीसरा दिन था जब राष्ट्रीय राजधानी में 600 से अधिक मामले आए और संक्रमण दर 3 प्रतिशत से अधिक रही।

जल जनित रोगों की स्थिति की समीक्षा के दौरान उपराज्यपाल को बताया गया कि घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन की जांच करने वाले कर्मी (डीबीसी) घरों का निरीक्षण और जांच कर रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को इस प्रणाली को स्वचालित करने का निर्देश दिया ताकि डीबीसी तुरंत उस घर की तस्वीर अपलोड कर सकें, जहां दौरे के दौरान प्रजनन और मच्छरों की स्थिति पाए जाने के साक्ष्य मिलते हैं।

उन्होंने नगर निकायों के अधिकारियों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने और अपने क्षेत्रों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को पर्याप्त रूप से बढ़ाने का निर्देश दिया।

नगर निगम की ओर से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू के अब तक कुल 126 मामले सामने आए हैं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने रिपोर्ट में कहा कि छह जून तक डेंगू के 118 मामले दर्ज किए गए थे। मच्छर जनित बीमारी से अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है।

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