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जरुरी जानकारी | सस्ते आयात से स्थानीय तेल तिलहन की कीमतों में हानि

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सस्ते आयातित तेलों के समक्ष ऊंची गत वाले देशी तेलों की मांग घटने तथा विदेशों में पाम एवं पामोलीन तेल का पर्याप्त स्टॉक जमा होने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, पाम और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

जरुरी जानकारी | सस्ते आयात से स्थानीय तेल तिलहन की कीमतों में हानि

नयी दिल्ली, पांच अगस्त सस्ते आयातित तेलों के समक्ष ऊंची गत वाले देशी तेलों की मांग घटने तथा विदेशों में पाम एवं पामोलीन तेल का पर्याप्त स्टॉक जमा होने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, पाम और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों की आगामी फसल आने में आठ महीने की देर है जबकि सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली की फसल अगले महीने से महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात की मंडियों में आने लगेगी। सस्ते आयात के आगे इन तेलों की कहां खपत होगी, यह चिंता किसानों और तेल उद्योग को सता रही है।

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उधर मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम एवं पामोलीन का पहले से भारी स्टॉक जमा है तथा इसकी अगली फसल भी बम्पर होने की पूरी संभावना है।

सूत्रों ने कहा कि देश भारत अपनी जरुरत के 30-32 प्रतिशत तिलहन का ही उत्पादन करता है पर मुसीबत यह है कि 10 प्रतिशत तिलहन ऊपज, सस्ते आयात के कारण बाजार में नहीं खप पा रही है। उनका कहना है कि ऐसे में तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता का मतलब समझ में नहीं आता।

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उन्होंने कहा कि किसानों के पास पिछले साल का मूंगफली और सोयाबीन का स्टॉक बचा है सरकार यदि तिलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने की मंशा रखती है तो उसे आयातित आयातित तेलों पर आयात शुल्क को बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि देशी तेलों की खपत बढ़ाने के लिए सरकार को देश में तेल मिलावट (ब्लेंडिंग) को बंद करना चाहिये। इसके कारण आयातित सस्ते तेल तो बाजार में खप जाते हैं और देशी तिलहन का स्टॉक किसानों के घरों में बेकार पड़ा रह जाता है और उन्हें औने पौने दाम पर निकालना पड़ता है।

तेल-तिलहन के बुधवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,930- 5,000 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,615- 4,665 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,040 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,810- 1,860 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,595 - 1,735 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,705 - 1,825 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,350 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,100 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,280 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,400 से 7,450 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,300 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,900 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,140 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,625- 3,650 लूज में 3,360--3,425 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2020 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).