नयी दिल्ली, सात अगस्त विपक्ष ने बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि सरकार ने आम करदाताओं के बजाय कॉरपोरेट जगत को राहत दी है, जबकि सत्तापक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयास से आज देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
वित्त विधेयक पर मंगलवार को सदन में अधूरी रही चर्चा को बुधवार को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि करदाताओं पर कर का बोझ कम हो।
उन्होंने कहा कि कराधान या कर के ढांचे में पारदर्शिता हो, सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है।
पाल के अनुसार, ‘एंजेल टैक्स’ का नतीजा था कि देश के छोटे एवं मध्यम कारोबार संकट में आ गए।
उन्होंने कहा कि ‘एंजेल टैक्स’ की व्यवस्था खत्म होने से युवा उद्यमियों को मदद मिलेगी।
भाजपा सांसद ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत की गिनती पांच चरमराती हुई अर्थव्यवस्थाओं में होती थी, लेकिन अब देश शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कदमों के कारण देश आने वाले समय में दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनेगा।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद हमदुल्ला सईद ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर जीएसटी लोगों की जेब पर बोझ है। सरकार को स्वास्थ्य बीमा एवं जीवन बीमा से जीएसटी खत्म करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कर का कुल संग्रह कॉरपोरेट कर से ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि आयकर भरने वालों को राहत मिलनी चाहिए।
लक्षद्वीप से लोकसभा सदस्य ने अपने संसदीय क्षेत्र के कुछ विषय उठाए और कहा कि गृह मंत्रालय को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
शिवसेना सांसद रवींद्र वायकर ने कहा कि आज देश दुनिया का स्टार्टअप हब बन गया है तथा इस क्षेत्र को राहत देने के लिए सरकार ने ‘एंजेल टैक्स’ को खत्म करने की घोषणा की है।
भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उद्योग जगत के लोगों को लेकर निराशा फैला रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात के दो सपूतों के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उसे गुजरात की जनता देख रही है।’’
दलाल का कहना था कि कांग्रेस की नीतियों के कारण गुजरात में वह चुनावों में हारती आ रही है।
हक
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