लॉकडाउन : सीएटी के पास वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सुनवाई करने के लिए नहीं है बुनियादी ढांचा
केंद्र ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से 21 दिन का बंद लागू किया था। इस संक्रामक रोग से देश में 239 लोगों की मौत हो गई और 7,447 लोग संक्रमित हो गए हैं।
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सेवा संबंधित मामलों का फैसला करने वाले केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लॉकडाउन के दौरान मुकदमों की सुनवाई करने में मुश्किलें आ रही हैं।
केंद्र ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से 21 दिन का बंद लागू किया था। इस संक्रामक रोग से देश में 239 लोगों की मौत हो गई और 7,447 लोग संक्रमित हो गए हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बंद के कारण अधिकरण के लिए काम करना असंभव हो गया हो गया क्योंकि न तो वकील और न ही सीएटी कर्मचारी काम करने की स्थिति में हैं।
कार्मिक मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘सबसे पहले वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सुनवाई करने का विकल्प मौजूद नहीं है क्योंकि इसके लिए आवश्यक उपकरण नहीं है और दूसरा बंद के कारण इसे खरीदना संभव नहीं है।’’
उसने कहा कि सीएटी की प्रमुख पीठ और देशभर में उसकी पीठ की हमेशा यह कोशिश रहती है कि जितना संभव हो सके उतने मामलों का निपटारा किया जाए और अधिकरण का रुख करने वाले लोगों की संतुष्टि के लिए काम किया जाए।
उसने बताया कि प्रधान पीठ को दो अप्रैल से 12 अप्रैल तक लघु अवकाश पर जाना है।
बयान में कहा गया है, ‘‘आगे की कार्रवाई उन कदमों पर निर्भर करेगी जो सरकार 15 अप्रैल के बाद की अवधि के लिए उठाएगी। अगर अदालतों की कार्यवाही चलाने की थोड़ी सी भी संभावना हुई तो ऐसा किया जाएगा।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2020 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

