ताजा खबरें | मुकदमेबाजी को नियंत्रित करने और कम करने के लिए मुकदमा नीति विचाराधीन: सरकार

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसकी योजनाओं और नीतियों को ध्यान में रखते हुए मुकदमेबाजी को नियंत्रित करने तथा कम करने के लिए मुकदमा नीति विचाराधीन है।

विधि और न्याय मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। प्रश्न किया गया था कि क्या सरकार द्वारा मुकदमेबाजी के संबंध में कोई नयी राष्ट्रीय नीति बनाई जा रही है।

मुकदमों की संख्या को कम करने के लिए उठाये गये कदमों के सवाल पर मंत्री ने अपने उत्तर में कहा कि रेल और राजस्व विभाग जैसे मंत्रालयों और विभाग, जिनमें अधिक संख्या में मुकदमे लंबित हैं, न्यायालय मामलों की संख्या को कम करने के लिए अनेक उपाय करते रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत संघ की मुकदमेबाजी पर निगरानी के लिए 2016 में एक वेब प्लेटफॉर्म अर्थात विधिक सूचना प्रबंध और ब्रीफिंग प्रणाली (लिम्बस) सृजित की गयी थी। लिम्बस वर्जन-2 लिम्बस को 2019 में प्रारंभ किया गया है।’’

रीजीजू ने कहा, ‘‘लिम्बस वर्जन-2 का दृष्टिकोण भारत सरकार के संपूर्ण मंत्रालयों/विभागों में मुकदमेबाजी की निगरानी के लिए कागजरहित और समकालिक व्यवस्था की स्थापना के साथ भारत सरकार के मुकदमेबाजी के लिए एकल प्लेटफॉर्म के रूप में है।’’

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 7.78 लाख मामले (पुरालेख मामले समेत), जिनमें 57 मंत्रालयों/विभागों द्वारा प्रविष्ट किये गये 5.78 लाख जीवंत/लंबित मामले भी हैं। इसमें 15,881 पदाधिकारियों/उपभोक्ताओं और 20,000 से अधिक अधिवक्ताओं का एकल डाटाबेस है।

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