नयी दिल्ली, 24 मई सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी के अडाणी समूह की सात कंपनियों में किए गए निवेश का मूल्य बढ़कर 44,670 करोड़ रुपये हो गया है। समूह की कंपनियों के शेयरों में हाल की तेजी से निवेश मूल्य बढ़ा है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और प्रमुख संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में निवेश का मूल्य अप्रैल से करीब 5,500 करोड़ रुपये बढ़ गया है।
एलआईसी ने अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड में सबसे अधिक 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी ली है। बीएसई में बुधवार को इसका भाव 717.95 रुपये प्रति शेयर पर रहा। इससे कंपनी में एलआईसी का हिस्सेदारी मूल्य 14,145 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लि. में एलआईसी की 4.25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बुधवार को 2,476.90 रुपये प्रति इक्विटी के आधार पर निवेश मूल्य बढ़कर 12,017 करोड़ रुपये हो गया।
बीमा कंपनी ने अडाणी टोटल गैस और अंबुजा सीमेंट में 10,500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर लगाए हैं। इसके अलावा अडाणी ट्रांसमिशन लि., अडाणी ग्रीन एनर्जी और एसीसी में भी एलआईसी की हिस्सेदारी है।
अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग ने इस साल जनवरी में रिपोर्ट जारी कर अडाणी समूह पर धोखाधड़ी और शेयर के भाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उसके बाद समूह की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में 145 अरब डॉलर तक की भारी गिरावट आ गयी थी।
हालांकि अडाणी समूह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और उसे सिरे से खारिज कर दिया।
रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर एलआईसी के निवेश पर भी पड़ा। एलआईसी ने 30 जनवरी को कहा था कि उसने अडाणी समूह की कंपनियों में 30,127 करोड़ रुपये निवेश कर रखा है और 27 जनवरी, 2023 को उसका बाजार मूल्य 56,142 करोड़ रुपये था।
हालांकि शेयरों में गिरावट के साथ एलआईसी का निवेश मूल्य फरवरी, 2023 में 27,000 करोड़ रुपये तक आ गया था।
हालांकि गौतम अडाणी की अगुवाई वाले समूह के इस संकट से पार पाने की रणनीति के बाद इसके शेयरों में फिर से तेजी देखी जा रही है। समूह की रणनीतियों में कुछ कर्ज को लौटाना, बॉन्ड की पुनर्खरीद, ताजा निवेश और समूह की दो कंपनियों की 21,000 करोड़ रुपये का कोष जुटाने की योजना शामिल हैं।
उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के बाद भी अडाणी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।
समिति ने कहा है कि अडाणी समूह के शेयरों के भाव में हेराफेरी का उसे कोई सबूत नहीं मिला है। इसके साथ ही अडाणी समूह की कंपनियों में विदेशी कंपनियों के निवेश में हुए कथित उल्लंघन की अलग से हुई सेबी की जांच में 'कुछ नहीं मिला' है।
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